गाजीपुर जनपद के जमानियाँ नगरपालिका परिषद के वर्तमान अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता पर नगर की जनता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि वह लगातार तानाशाही रवैया अपनाते हुए राजनीतिक विद्वेष और चुनावी रंजिश के आधार पर काम कर रहे हैं। इस रवैये से नगर में असंतोष और आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नागरिकों का कहना है कि उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा और नगर का विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
दाखिल-खारिज और असेसमेंट रजिस्टर में अनियमितताएं
नगरपालिका परिषद में दाखिल-खारिज और असेसमेंट रजिस्टर (गृहकर) से संबंधित मामलों में मनमानी किए जाने की शिकायत की गई है। आरोप है कि अध्यक्ष स्वयं विधि विरुद्ध तरीके से काम कर रहे हैं। कई प्रकरणों में अनियमित कार्यवाही की गई है, जिन्हें तत्काल अन्य नगरपालिकाओं में स्थानांतरित करने की मांग उठाई गई है।
इन मामलों में शामिल प्रमुख प्रकरणों में संतोष कुमार वर्मा बनाम योगेंद्र शर्मा, सचिन कुमार वर्मा बनाम जीवन लाल वर्मा, पूनम वर्मा बनाम दोढ़ा चौधरी, हेमलता यादव बनाम ताहिर सिद्धिकी, उषा गुप्ता बनाम हामिद खलील, सुनील कुमार बनाम हामिद खलील और अविकुर्रहमान बनाम हसीना बेगम शामिल हैं।
दोहरी वसूली से जनता परेशान
जमानियाँ क्षेत्र में संपत्ति की खरीद-फरोख्त के दौरान कार्यालय उपनिबंधक में चेनामा पर 2% अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क नगरपालिका परिषद की संस्तुति के आधार पर पहले से ही जमा कराया जाता है। इसके बावजूद दाखिल-खारिज के समय नगर पालिका द्वारा अवैध रूप से 2% अतिरिक्त शुल्क “अचल संपत्ति हस्तांतरण शुल्क” के नाम पर वसूला जा रहा है। इस दोहरी वसूली से आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसे तत्काल समाप्त करने की मांग की गई है।
सफाई और सड़क व्यवस्था चरमराई
नागरिकों ने आरोप लगाया है कि नगर क्षेत्र की सफाई व्यवस्था बेहद दयनीय स्थिति में है। मुख्य मार्गों पर आंशिक सफाई की जाती है, जबकि अन्य गालियां पूरी तरह उपेक्षित रहती हैं। पर्याप्त संख्या में संविदा कर्मचारी होने के बावजूद उनसे काम नहीं कराया जाता और हाजिरी लगाकर वेतन का भुगतान किया जाता है।
सड़कों की स्थिति भी खराब बताई गई है। जमानियाँ रेलवे स्टेशन के पास एक ओर सड़क ऊँची बनाई गई है जबकि दूसरी ओर नहीं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बरसात के समय रेलवे क्रॉसिंग पर घुटने भर पानी भर जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
विद्युत व्यवस्था पर भी उठे सवाल
विद्युत व्यवस्था को लेकर भी नगरवासी नाराज हैं। उनका कहना है कि मेन रोड पर ही स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत की जाती है, जबकि अन्य गालियां अंधेरे में डूबी रहती हैं। नागरिकों ने मांग की है कि सभी गलियों और मोहल्लों में प्रकाश व्यवस्था सही तरीके से दुरुस्त की जाए।
22 सितम्बर से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना
नगरवासियों ने चेतावनी के अनुसार 22 सितंबर 2025 से स्थानीय रामलीला मैदान में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह आंदोलन अनिश्चितकालीन होगा और जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, धरना जारी रहेगा। नागरिकों का कहना है कि वे विवश होकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं।
प्रशासन को भेजी गई प्रतिलिपि
नागरिकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की प्रतिलिपि जिलाधिकारी गाजीपुर, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद जमानियाँ, जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी गाजीपुर, पुलिस अधीक्षक गाजीपुर, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्य सचिव नगर विकास विभाग को भेजी गई है।
हस्ताक्षरकर्ताओं की ओर से
यह पत्र संतोष कुमार वर्मा पुत्र स्व. दरोगा वर्मा और अरविंद कुमार वर्मा (नगर व्यवस्थापक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जमानियाँ) की ओर से भेजा गया है। इनका कहना है कि यदि नगर की समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं हुआ, तो अनिश्चितकालीन धरना और भी उग्र रूप ले सकता है।

