लखनऊ, उत्तर प्रदेश में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और उससे जुड़े कुछ व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कड़े शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विभोर राणा का लाइसेंस समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान जारी किया गया था और इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने इस पूरे प्रकरण को राज्य में अवैध गतिविधियों के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई से जोड़ते हुए स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था के मुद्दे पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
लाइसेंस जारी होने को लेकर आरोप:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभोर राणा का लाइसेंस समाजवादी पार्टी के शासनकाल में जारी किया गया था। उन्होंने इस मुद्दे को राजनीतिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए कहा कि इस तथ्य पर चर्चा होना आवश्यक है कि उस समय लाइसेंस किस प्रक्रिया के तहत और किन परिस्थितियों में जारी हुआ। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़ी पूरी प्रक्रिया की जांच जरूरी है।
तस्वीरों के जरिए उठाए सवाल:
मुख्यमंत्री ने आलोक सिपाही का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी अखिलेश यादव के साथ तस्वीरें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में अखिलेश यादव को गिफ्ट दिए जाते हुए भी देखा गया था। मुख्यमंत्री ने यह सवाल उठाया कि क्या इन तस्वीरों को लोगों ने नहीं देखा और क्या इन तथ्यों को नजरअंदाज किया जा सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि सार्वजनिक जीवन में जुड़े लोगों की गतिविधियां और उनके संबंध पारदर्शी होने चाहिए।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई का दावा:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने NDPS एक्ट के तहत अवैध डायवर्जन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इस कानून के अंतर्गत सख्त कदम उठाए हैं और कार्रवाई लगातार जारी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार की मंशा स्पष्ट है कि नशे और अवैध गतिविधियों से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
गिरफ्तारियों का आंकड़ा सामने रखा:
मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि अब तक 77 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई किसी दबाव या भेदभाव के बिना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच और कार्रवाई का दायरा आगे और बढ़ेगा तथा इसमें शामिल सभी लोगों तक कानून की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार की सख्ती का संदेश:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की कार्रवाई अपने अंतिम चरण तक पहुंचेगी और इसमें कोई भी बच नहीं पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह लोगों की पीड़ा को समझते हैं, लेकिन कानून के दायरे में रहकर कठोर निर्णय लेना जरूरी है। मुख्यमंत्री के इस बयान को राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया की संभावना:
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि सरकार किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि कानून और व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से काम कर रही है।
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