माफिया अतीक अहमद की मुश्किलें बढ़ती जा रही जा रही है। योगी सरकार शिकंजा कस रही है। एलडीए का बुलडोजर अतीक अहमद के गुर्गे के अपार्टमेंट का अवैध हिस्सा गिराने पहुंचा है। एलडीए के अधिकारियों के साथ भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद है। एलडीए वीसी ने अवैध इमारतों पर कार्रवाई के निर्देश थे।
लविप्रा के बुलडोजर ने लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित वली बदर अपार्टमेंट के अवैध निर्माण को ढहा दिया। लविप्रा के पूर्व अफसरों की मेहरबानी से यह अवैध निर्माण हो गया था। पूर्व सांसद अतीक अहमद के करीबी मो. मुस्लिम की अकामा बिल्डर्स और डेवलपर्स नाम की फर्म है। बिल्डर मो. मुस्लिम अपार्टमेंट बनाकर बेचता है।
लविप्रा के पूर्व अफसरों और इंजीनियरों से मिलीभगत करके मो. मुस्लिम ने सीतापुर रोड पर शिया पीजी कालेज के करीब स्थित इरादतनगर में वली बदर अपार्टमेंट बनाया था। मो. मुस्लिम ने स्वीकृत मानचित्र के विपरीत अपार्टमेंट में अवैध निर्माण कर लिया। दैनिक जागरण ने 21 अगस्त को अतीक अहमद के करीबी पर लविप्रा के अफसरों की मेहरबानी पर खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इस पर लविप्रा उपाध्यक्ष डा. इंद्रमणि त्रिपाठी ने ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के आदेश दिए थे।
इससे पहले पूर्व सांसद अतीक अहमद के करीबी गोतस्करी के आरोपी मुजफ्फर की करीब 11.5 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली। पुलिस और प्रशासन के आला अफसरों ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (1) के तहत बमरौली स्थित लाल बिहारा बेलानगर साई मंदिर कॉलोनी में बने मुजफ्फर के दो मकानों को कुर्क किया। साथ ही प्लाट पर भी कुर्की की कार्रवाई पूरी की गई। कार्रवाई के बाद पुलिस ने नोटिस बोर्ड लगवा दिया। पुलिस ने जांच के बाद अब तक उसकी 16 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है।
गैंगस्टर समेत अन्य मुकदमों में नैनी जेल में बंद मो. मुजफ्फर नवाबगंज के चफरी गांव का रहने वाला है। मुजफ्फर कौड़िहार से सपा का ब्लॉक प्रमुख है। जांच के बाद पुलिस ने उसकी अवैध रूप से अर्जित संपत्ति कुर्क करने का नोटिस पहले ही जारी किया था। शुक्रवार को एसपी सिटी संतोष कुमार मीना के नेतृत्व में सीओ सिविल लाइंस, धूमनगंज, पूरामुफ्ती थाने की पुलिस और पीएसी की मौजूदगी में कुर्की की कार्रवाई पूरी की गई।