योगी आदित्यनाथ ने कहा– गाजीपुर की परंपरा आस्था और आध्यात्मिक चेतना की प्रतीक

रिपोर्ट: हसीन अंसारी


Ghazipur: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शनिवार को गाजीपुर (Ghazipur) के जखनिया क्षेत्र में स्थित हथियाराम मठ (Hathiyaram Math) और भुड़कुड़ा मठ का दौरा किया। उन्होंने दोनों मठों में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और पौधरोपण भी किया। इसके बाद योगी आदित्यनाथ महंत रामाश्रय दास पीजी कॉलेज (Mahant Ramashray Das PG College) पहुंचे, जहां उन्होंने ब्रह्मलीन महंत रामाश्रय दास की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रबुद्धजनों से संवाद करते हुए प्रदेश और देश की धार्मिक चेतना, परंपराओं और एकता पर अपने विचार साझा किए।

हथियाराम मठ की ऐतिहासिक परंपरा पर बोले सीएम:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें इस पवित्र पीठ पर बुढ़िया देवी के दर्शन प्राप्त हुए। उन्होंने बताया कि यह पीठ नौ सौ वर्षों से लोगों की आस्था का केंद्र रही है। उन्होंने कहा कि गाजीपुर जनपद अपनी समृद्ध परंपरा और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 900 वर्ष पूर्व हथियाराम पीठ पर सन्यासियों की परंपरा की शुरुआत हुई थी और यह परंपरा आज भी जनमानस को प्रेरित कर रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि रामायण काल से ही यह भूमि धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रही है।

अयोध्या में साकार हुआ राम मंदिर का सपना:
मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में अयोध्या (Ayodhya) में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पूर्व अयोध्या में राम मंदिर एक सपना मात्र था। उस समय जब राम भक्त ‘रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ कहते थे, तब कुछ लोग उस पर प्रश्नचिन्ह लगाते थे। लेकिन सत्य संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति से सभी लक्ष्य और सपने पूरे होते हैं। उन्होंने बताया कि आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर गर्व का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में चार द्वार पूज्य शंकराचार्यों (Shankaracharya) के नाम समर्पित किए गए हैं, वहीं महर्षि वाल्मीकि (Maharshi Valmiki) के नाम पर एयरपोर्ट का निर्माण किया गया है।

राष्ट्रीय एकता के सूत्र में मठों की भूमिका:
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारे देश के मठ और मंदिर राष्ट्रीय चेतना और एकता के सूत्र में समाज को बांधते हैं। उन्होंने कहा कि हर भारतीय के मन में भारतीयता का भाव होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सज्जनों का हर परिस्थिति में संरक्षण होना चाहिए क्योंकि समाज का नैतिक बल सदाचारियों से ही बढ़ता है।

संरक्षण और पुनरोद्धार पर दिया जोर:
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिरों, मठों और धार्मिक स्थलों का संरक्षण और पुनरोद्धार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो भी अच्छा कार्य करे, उसका समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्रीयता की सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुटता के साथ काम करना ही राष्ट्र की सच्ची सेवा है।

योगी का संदेश– एकता और आस्था से ही बनता है मजबूत भारत:
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी आस्था और एकता में निहित है। अलग-अलग देशों में लोगों की अलग प्रकृति और वृत्ति होती है, लेकिन भारत में धार्मिकता और आध्यात्मिकता हमारी सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने आध्यात्मिक मूल्यों को जीवित रखते हैं, तभी राष्ट्र सशक्त और संगठित बनता है।

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