लखनऊ। यूपी विधानसभा (UP Assembly) के शीतकालीन सत्र के चौथे और अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने विपक्ष के सवालों का विस्तार से जवाब दिया। अपने भाषण में उन्होंने कानून-व्यवस्था, रोजगार, विकास परियोजनाओं, सामाजिक योजनाओं और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में न दंगा है, न कर्फ्यू और न ही अराजकता, बल्कि हर स्तर पर स्थिति सामान्य और बेहतर है।
कानून-व्यवस्था पर सरकार का दावा:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दंगे और अराजकता का दौर समाप्त हो चुका है। उन्होंने विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि दंगे का उपचार क्या है, यह बरेली (Bareilly) के मौलाना से पूछ लिया जाए। प्रदेश में न कर्फ्यू है और न ही किसी प्रकार का भय का माहौल है। उनके अनुसार आज उत्तर प्रदेश में शांति और सुरक्षा का वातावरण है, जिससे आम नागरिक निश्चिंत होकर जीवन व्यतीत कर रहा है।
गीता के श्लोक के साथ सख्त संदेश:
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान भागवत गीता का श्लोक “परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्” पढ़ा और कहा कि वह विधानसभा में भजन करने के लिए नहीं बैठे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भजन करना होता तो मठ उनके पास है। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल शासन और प्रशासन को सुदृढ़ करना है।
विपक्ष पर तीखे सवाल:
योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने अपनी पार्टी की सदस्य पूजा पाल को न्याय नहीं दिलाया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वह पीडीए का हिस्सा नहीं थीं। उन्होंने कहा कि माफिया के सामने झुकना मजबूरी नहीं होनी चाहिए थी और किसी भी बेटी को न्याय मिलना चाहिए, चाहे वह किसी भी पक्ष की हो।
रोजगार और सुरक्षा पर जोर:
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते नौ वर्षों में सरकार ने नौ लाख युवाओं को नौकरी दी है और वह भी बिना घूसखोरी के। उन्होंने कहा कि पहले थानों में भय का वातावरण रहता था और अपराधी सत्ता के संरक्षण में रहते थे, जबकि आज प्रदेश में भयमुक्त माहौल है। सरकार सज्जनों को सुरक्षा और दुर्जनों पर सख्ती के सिद्धांत पर काम कर रही है।
विकास परियोजनाओं का उल्लेख:
योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि देश का पहला वाटर-वे उत्तर प्रदेश में वाराणसी (Varanasi) से हल्दिया (Haldia) के बीच संचालित हो रहा है और इसे अयोध्या (Ayodhya) तक ले जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की इच्छाशक्ति का परिणाम है, जब सरकार ठान लेती है तो कार्य पूरे होते हैं।
भर्ती प्रक्रिया और माफिया पर कार्रवाई:
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रिया में योग्य युवाओं को प्राथमिकता नहीं मिलती थी और प्रक्रिया को प्रभावित किया जाता था। उन्होंने सपा (Samajwadi Party) के समय की व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि आज प्रदेश का युवा पारदर्शी प्रणाली से नौकरी पा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे माफिया की कमर तोड़ी गई, वैसे ही नकल माफिया पर भी सख्ती की जा सकती है।
कल्याण योजनाओं में समानता:
योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि राशन वितरण और सीएम रिलीफ फंड में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार चेहरा देखकर सहायता नहीं देती और ऐसा करना पाप है। टैक्स के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है और कर चोरी को रोककर जनता को राहत दी गई है।
रागिनी सोनकर का सरकार पर हमला:
इससे पहले विधानसभा में रागिनी सोनकर (Ragini Sonkar) ने ऊर्जा मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मंत्री दावा करते हैं कि प्रदेश में 24 घंटे बिजली मिल रही है, जबकि जमीनी हकीकत अलग है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर वित्त मंत्री के पास ऐसा कोई चश्मा है जिससे बिजली दिखाई देती हो, तो वह चश्मा विपक्ष को भी दे दें। इसके बाद उन्होंने धार्मिक नारे लगाए, जिससे सदन का माहौल गर्म हो गया।
सत्र का समापन:
मुख्यमंत्री के भाषण के बाद यूपी विधानसभा (UP Assembly) की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। साथ ही विधान परिषद की कार्यवाही भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
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