लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने वर्तमान मोदी सरकार पर जमकर आरोप लगायें, उन्होंने कहा कि “वक्फ बिल नाकामी पर पर्दा है। भाजपा सरकार हर मोर्चे पर नाकाम। रातोंरात नोटबंदी का फैसला लिया। नोटबंदी की नाकामी पर भी चर्चा जरूरी है। वक्फ बिल के पीछे ना नीति सही, ना नियत सही। भाजपा ध्रुवीकरण का फायदा उठानी चाहती है। भाजपा मुस्लिम भाईचारे को बांटना चाहती है। भाजपा को अपने वोटबैंक में गिरावट की चिंता है।”
महाकुंभ में कितने हिंदू मारे गए
अखिलेश यादव ने कहा कि “चीन के कब्जे वाली जमीन ज्यादा बड़ा मुद्दा है। चीन ने जिस जमीन पर गांव बसाए वो बड़ा मुद्दा है। रेलवे की जमीनों को बेचा जा रहा है। रेलवे हो या डिफेंस सारी जमीनें भारत की हैं। भाजपा जब भी कोई नया बिल लाती है, तब अपनी नाकामी छिपाती है। महाकुंभ में कितने हिंदू मारे गए, इस पर पर्दा डालने के लिए भाजपा यह बिल लेकर आई है। महाकुंभ में आस्था सबकी है। कोई पहली बार कुंभ नहीं हो रहा था। भाजपा ने ऐसा प्रचार किया कि 144 साल बाद यह कुंभ हो रहा है। सरकार का दावा था कि हमारी तैयारी सौ करोड़ श्रद्धालुओं की है, महाकुंभ में 30 श्रद्धालु मारे गए, और एक हजार लापता हैं, जान गंवाने वालों के नाम बताए जाएं। कुंभ हमारे लिए कारोबार का जरिए नहीं है। महाकुंभ की मौतों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। मुझे ईद के कार्यक्रमों में जाने से रोका गया। देश मिलीजुली सांकृति से बना है।”
अमित शाह ने कसा तंज
अखिलेश यादव ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा, “जो पार्टी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है, वह अभी तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाई है।” इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “मेरे सामने जितनी भी पार्टियां हैं, उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कुछ परिवार के लोग ही करेंगे। हमें 12-13 करोड़ सदस्यों में से प्रक्रिया के बाद चुनना है। इसलिए इसमें समय लगता है। आपके मामले में तो ज्यादा समय नहीं लगेगा। मैं तो कह रहा हूं कि आप 25 साल तक अध्यक्ष बने रहेंगे…”

