यूपी समेत छह राज्यों में बढ़ी SIR की समय सीमा,31 दिसंबर तक बढ़ा मामला !

रिपोर्टर: अनुज कुमार

लखनऊ (Lucknow)। उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा (Navdeep Rinwa) ने जानकारी दी कि प्रक्रिया की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) से दो सप्ताह अतिरिक्त समय मांगा गया था। इस अतिरिक्त समय की जरूरत इसलिए पड़ी ताकि जिला निर्वाचन अधिकारी मृतक, स्थानांतरित (Shifted) और लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं का पुन: सत्यापन बिना त्रुटि के संपन्न कर सकें। मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना आगामी चुनावी प्रक्रियाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

समय सीमा बढ़ाने का निर्णय जारी:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा (Navdeep Rinwa) ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने अहर्ता तिथि 01 जनवरी 2026 को आधार मानते हुए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) की घोषित तिथियों को 15 दिनों के लिए बढ़ाते हुए संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग द्वारा यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि जिले स्तर पर चल रही सत्यापन कार्यवाही में किसी प्रकार की जल्दबाज़ी न हो और मतदाता सूची अधिक विश्वसनीय रूप से तैयार की जा सके।

नई गणना अवधि निर्धारित:
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब गणना अवधि 26 दिसंबर 2025 तक निर्धारित की गई है। इस दौरान जिला और बूथ स्तर के अधिकारी अलग–अलग श्रेणियों के मतदाताओं के नामों का सूक्ष्म रूप से सत्यापन कर आवश्यक सुधार दर्ज करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, अब निर्वाचन नामावलियों का आलेख्य प्रकाशन 31 दिसंबर 2025 को किया जाएगा। यह वह चरण है जब प्रारंभिक सूची सार्वजनिक की जाती है, ताकि नागरिक उसमें अपने विवरण की जांच कर सकें।

दावे–आपत्तियों की संशोधित अवधि:
आयोग ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 31 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी 2026 तक तय की है। इस दौरान कोई भी पात्र नागरिक अपना नाम जुड़वाने, गलतियां सुधारने या अनुचित नामों को हटवाने से संबंधित आवेदन कर सकता है।
यह चरण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यहीं से अंतिम मतदाता सूची की दिशा तय होती है। अधिकारी इस अवधि में प्राप्त सभी दावों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करते हैं।

निर्णय और निस्तारण का चरण:
31 दिसंबर 2025 से 21 फरवरी 2026 तक नोटिस चरण के तहत गणना प्रपत्रों पर निर्णय लिया जाएगा और साथ ही दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इस अवधि में प्रत्येक दावा और आपत्ति पर सुनवाई कर प्रशासन अंतिम निर्णय दर्ज करेगा। निर्वाचन प्रणाली की पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए यह चरण सबसे संवेदनशील माना जाता है।

अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा (Navdeep Rinwa) ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी। इस सूची के आधार पर आने वाले चुनावों में मतदाताओं की पात्रता सुनिश्चित की जाएगी।
प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग लगातार समीक्षा कर रहा है, जिससे कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम सूची से छूट न जाए और अपात्र नामों की पहचान समय पर की जा सके।

#voter #list #revision #UP


Disclaimer:

यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com.

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading