UP Vision 2047: महिलाओं, युवाओं, दिव्यांगजन और वंचितों के लिए नए विकास मॉडल पर मंथन

लखनऊ (Lucknow) में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित स्टेकहोल्डर वर्कशॉप में प्रदेश सरकार के विजन 2047 को मजबूत आधार देने के लिए विभागीय प्राथमिकताओं और भविष्य की रणनीतियों पर व्यापक चर्चा हुई। यह कार्यशाला भागीदारी भवन (Bhagidari Bhawan, Gomtinagar, Lucknow) में आयोजित की गई, जिसमें कुल नौ विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विकसित भारत 2047 और सक्षम उत्तर प्रदेश के लक्ष्य के अनुरूप सामाजिक सुरक्षा, तकनीकी प्रगति, महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास के लिए आवश्यक कदमों पर एकमत होना था।

समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित वर्कशॉप का दृश्य, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं।

• समावेशी विकास और नीतिगत दिशा पर फोकस:
वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करने तथा नीतिगत सुधारों के माध्यम से राज्य को दीर्घकालिक विकास पथ पर अग्रसर करना रहा। चर्चा का केंद्र सशक्त समाज, तकनीकी उन्नति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सतत विकास पर आधारित रहा, जिसके लिए विभिन्न विभागों ने अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं।

• समाज-केन्द्रित बदलाव का संकल्प:
कार्यक्रम के प्रारंभ में समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव एल. वेंकटेश्वर लू ने कहा कि विजन 2047 केवल एक योजना नहीं, बल्कि समाज-केन्द्रित बदलाव का संकल्प है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य यह है कि महिलाएं, बच्चे, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, अल्पसंख्यक और ट्रांसजेंडर समुदाय समेत प्रत्येक कमजोर वर्ग तक योजनाओं का लाभ समानता के साथ और तेजी से पहुंचे।

• UP@2047 प्रस्तुति में सामने आए प्रमुख सुझाव:
इसके बाद डेलॉइट (Deloitte) द्वारा विकसित UP@2047 पर विस्तृत प्रस्तुति स्वाती अग्रवाल ने दी। उन्होंने नवाचार आधारित योजनाओं और भविष्य के रोडमैप को प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में ‘लिविंग होम मॉडल’, एआई कौशल प्रशिक्षण, ट्रांसजेंडर फेलोशिप, उद्यमिता को बढ़ावा, CSR फंड्स के माध्यम से खेलों के विस्तार और संवेदनशील समुदायों के लिए सुदृढ़ सुरक्षा तंत्र जैसे सुझाव प्रमुख रहे।

• नौ विभागों की सक्रिय भूमिका:
कार्यशाला में समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास, अल्पसंख्यक कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, युवा कल्याण एवं खेल विभाग सहित कुल नौ विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान नीतिगत हस्तक्षेप, सामाजिक न्याय, तकनीकी उन्नयन और शिक्षा-स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श हुआ।

इसमें समाज कल्याण निदेशक कुमार प्रशांत, उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह, नीति आयोग के संयुक्त सचिव के. एस. रेजिमों, प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण संयुक्ता सम्मदर, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास लीना जौहरी, प्रमुख सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण सुभाष चंद्र शर्मा, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति रणवीर प्रसाद, सचिव युवा कल्याण एवं खेल विभाग सुहास एल.वाई तथा जयपुरिया इंस्टिट्यूट (Jaipuria Institute) से प्रोफेसर आरती चांदनी सहित कई अन्य अधिकारी शामिल रहे।

• भविष्य की नीतियों को मिलेगी नई दिशा:
सभी विभागों द्वारा प्रस्तुत सुझावों और अनुभवों ने यह स्पष्ट किया कि विजन 2047 की दिशा में आगे बढ़ने के लिए समन्वित प्रयास, तकनीकी नवाचार और समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। यह कार्यशाला प्रदेश के लिए दीर्घकालिक विकास मॉडल तैयार करने का आधार बनेगी और सामाजिक सुरक्षा से लेकर तकनीकी प्रगति तक कई क्षेत्रों में नई नीतियों को गति देगी।


#Tags: #Vision2047 #UPDevelopment

डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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