दुबई में खेले गए एशिया कप मैच में भारत ने पाकिस्तान को सात विकेट से हराया। लेकिन मैच से ज्यादा सुर्खियों में टीम इंडिया का रवैया रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने न तो टॉस के दौरान और न ही जीत के बाद पाक खिलाड़ियों से हाथ मिलाया। इससे नाराज पाक कप्तान सलमान आगा प्रस्तुति समारोह में पहुंचे ही नहीं।
सूर्या बोले– सरकार और BCCI का फैसला
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने साफ किया कि यह फैसला टीम का नहीं बल्कि सरकार और BCCI की नीति के तहत लिया गया। उन्होंने कहा, “हम यहां सिर्फ मैच खेलने आए थे और जीत से सही जवाब दिया। कुछ चीजें खेल भावना से भी ऊपर होती हैं।”
PCB की शिकायत
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस पूरे मामले में विरोध दर्ज कराया। टीम मैनेजर नवीद अकरम चीमा ने मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट से शिकायत की। PCB का कहना है कि टॉस के दौरान कप्तानों से हाथ मिलाने की अपील की गई थी, लेकिन भारत ने इसे नज़रअंदाज किया।
मैच का हाल
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पहली बार दोनों टीमें आमने-सामने थीं। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 127 रन बनाए। भारत ने 15.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। सूर्या ने छक्के से जीत दिलाई और यह जीत भारतीय सेना को समर्पित की।
पाक कोच की नाराज़गी
पाकिस्तानी कोच माइक हेसन ने कहा कि उनकी टीम हाथ मिलाने के लिए तैयार थी, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में चले गए। उन्होंने कहा, “मैच का इस तरह खत्म होना निराशाजनक था। इसी कारण सलमान आगा प्रेजेंटेशन सेरेमनी में नहीं आए।”
नियम क्या कहते हैं?
ICC या ACC के किसी नियम में हाथ मिलाना जरूरी नहीं है। यह केवल खेल भावना का हिस्सा माना जाता है। भारत ने इस बार ऐसा न करके साफ संदेश दिया।
विरोध के स्वर
मैच से पहले ही सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के खिलाफ विरोध तेज था। पहलगाम हमले के शहीदों के परिवारों ने भी इस मैच का विरोध किया। शहीद शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी ने कहा, “पाकिस्तान के साथ खेलना शहीदों का अपमान है।”
राजनीतिक मोर्चे पर भी आपत्ति जताई गई। शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने पाक खिलाड़ियों पर आपत्तिजनक पोस्ट्स का समर्थन करने का आरोप लगाया और मैच का बहिष्कार करने की अपील की।
सूर्या का कड़ा रुख: पाक खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार

