यूपी विधानमंडल के शीतकालीन सत्र का आज पहला दिन रहा। सत्र की शुरुआत गमगीन माहौल में हुई, जहां विधानसभा में घोसी से विधायक रहे सुधाकर सिंह के निधन पर शोक प्रस्ताव पर चर्चा की गई। सदन में मौजूद सभी सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने अपने-अपने शब्दों में दिवंगत विधायक को याद किया। शोक प्रस्ताव के कारण सदन की कार्यवाही गंभीर और संयमित वातावरण में आगे बढ़ी।
मुख्यमंत्री का मीडिया को संबोधन:
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) पर तीखा तंज कसा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआती जांच में जिन लोगों को अब तक पकड़ा गया है, उनके संबंध सपा से जुड़े बताए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं और सच्चाई सामने आ रही है।
कफ सिरप मामले पर राजनीतिक तंज:
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में एक शेर का सहारा लेते हुए कहा कि “उम्र भर यही गलती बार-बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी, आइना साफ करता रहा।” इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दोष कहीं और है, लेकिन आरोप किसी और पर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि यह मामला विधान परिषद (Legislative Council) में आता है तो सरकार वहां भी पूरे तथ्यों के साथ जवाब देगी।
विधानसभा में विपक्ष का प्रतीकात्मक विरोध:
सत्र के पहले दिन सदन के बाहर और भीतर सियासी हलचल भी देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के विधायक बृजेश यादव (Brijesh Yadav) एक अनोखे अंदाज में विधानसभा पहुंचे। वे साइकिल के साथ कोडीन कफ सिरप का एक डिब्बा बांधकर आए, जिस पर कई तीखे वाक्य लिखे हुए थे। इस डिब्बे पर लिखा था कि यह “जादुई सिरप” है, जिसे पीने वाला मर जाता है, बेचने वाला दौलतमंद हो जाता है, सत्ता का संरक्षण पाता है और फिर विदेश निकल जाता है। इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए उन्होंने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े करने की कोशिश की।
शोक प्रस्ताव के बाद सदन की कार्यवाही:
घोसी विधायक सुधाकर सिंह के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी जाएगी। सदन में यह तय किया गया कि शोक की इस घड़ी में आगे की विधायी कार्यवाही को फिलहाल रोका जाए। हालांकि, दूसरी ओर विधान परिषद की कार्यवाही जारी रहेगी, जहां विभिन्न विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
वित्तीय एजेंडे पर नजर:
बताया गया कि सोमवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना (Suresh Khanna) वित्तीय वर्ष 2025-26 का दूसरा अनुपूरक बजट सदन में पेश करेंगे। यह बजट सत्र का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए सरकार अपने वित्तीय प्रबंधन और आगामी योजनाओं को लेकर सदन को अवगत कराएगी। विपक्ष भी इस दौरान सरकार से कई सवाल पूछने की तैयारी में है।
वंदे मातरम् और अन्य मुद्दों पर चर्चा:
सत्र के दौरान लगभग चार घंटे तक वंदे मातरम् पर चर्चा प्रस्तावित है। इसके अलावा SIR, कोडीन कफ सिरप जैसे मुद्दों पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय (Mata Prasad Pandey) सरकार से जवाब मांगेंगे। इन मुद्दों को लेकर सदन में तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि विपक्ष इन विषयों को लेकर लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए है।
मुख्यमंत्री का सदन में वक्तव्य:
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) 23 और 24 दिसंबर को विधानसभा में अपनी बात रखेंगे। इन दो दिनों में वे सरकार का पक्ष मजबूती से रखने के साथ-साथ विपक्ष के आरोपों का जवाब भी देंगे। माना जा रहा है कि इन सत्रों में राजनीतिक माहौल और अधिक गरम हो सकता है।
सत्र के पहले दिन की समग्र तस्वीर:
कुल मिलाकर यूपी विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के पहले दिन शोक, राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप का मिश्रित स्वरूप देखने को मिला। एक ओर दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि देकर सदन ने संवेदनशीलता दिखाई, वहीं दूसरी ओर कफ सिरप और अन्य मुद्दों पर सियासी बयानबाजी ने आने वाले दिनों में तीखी बहस के संकेत दे दिए हैं।
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