स्वच्छता अवॉर्ड में भारी उलटफेर, किसे मिली सबसे बड़ी पहचान?

विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर लखनऊ (Lucknow) में एक भव्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेशभर की उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों और जनपदों को स्वच्छता के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। यह आयोजन पंचायती राज निदेशालय (Panchayati Raj Directorate, Aliganj, Lucknow) परिसर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण स्वच्छता, ओडीएफ प्लस उपलब्धियों और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ और मुख्य संबोधन:
कार्यक्रम की शुरुआत पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर (O.P. Rajbhar), प्रमुख सचिव पंचायतीराज अनिल कुमार (Anil Kumar) और पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह (Amit Kumar Singh) द्वारा दीप प्रज्वलन से की गई। इस अवसर पर स्वच्छता से जुड़े कार्यों और उपलब्धियों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। विभिन्न जनपदों की उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों तथा प्रधानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीण जनता को स्वच्छता का संदेश भी दिया गया।

उत्कृष्ट जनपदों और ग्राम पंचायतों का सम्मान:
सर्वश्रेष्ठ जनपद पुरस्कार गाजियाबाद (Ghaziabad), रामपुर (Rampur), हाथरस (Hathras), श्रावस्ती (Shravasti) और फिरोजाबाद (Firozabad) को प्राप्त हुआ। वहीं सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत के रूप में मिर्जापुर की नदिहार, बरेली की भरतौल, बिजनौर की जालबपुर गूदड़, कानपुर नगर की रमईपुर और श्रावस्ती की सरवन तारा पंचायतों को सम्मान दिया गया। यह सभी ग्राम पंचायतें स्वच्छता अभियान में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले उदाहरण के रूप में सामने आईं।

कम्यूनिटी सेनेट्री कॉम्पलेक्स और अन्य उपलब्धियां:
बेस्ट कम्यूनिटी सेनेट्री कॉम्पलेक्स पुरस्कार महोबा की सिजहरी, झांसी की सिमरावारी, पीलीभीत की पिपरिया अगरू, कासगंज की मजराजात कासगंज और आजमगढ़ की वीनापारा ग्राम पंचायतों को मिला। इसी प्रकार, गोबर्धन प्रोजेक्ट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर ललितपुर की कारीपहाड़ी, श्रावस्ती की टण्डवा महंत और रामपुर की किरा पंचायतों को सम्मानित किया गया। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट में रामपुर की सींगनखेड़ा, बरेली की भमौरा और सोनभद्र की रामगढ़ पंचायतों को पुरस्कार प्रदान किया गया।

स्वच्छता को संकल्प बताते हुए संबोधन:
पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि विश्व शौचालय दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वच्छता और गरिमा का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि ओडीएफ प्लस की दिशा में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियां सभी पंचायतों, स्वच्छता कर्मियों और नागरिकों के संयुक्त प्रयास का परिणाम हैं। सम्मानित पंचायतों को उन्होंने प्रदेश के लिए आदर्श मॉडल बताया और स्वच्छता की दिशा में निरंतर कार्य करने की प्रेरणा दी।

प्रमुख सचिव और निदेशक के विचार:
प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने कहा कि स्वच्छता के विभिन्न क्षेत्रों जैसे ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त गांव और सामुदायिक शौचालयों के संचालन में ग्राम पंचायतों की सक्रियता सराहनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे प्रयास प्रदेश को स्थायी स्वच्छता संस्कृति की ओर ले जाएंगे।
निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा कि स्वच्छता अभियान तभी सफल होता है जब समुदाय इसकी धुरी बनता है। उन्होंने बताया कि पुरस्कृत पंचायतों ने योजनाबद्ध कार्य, टेक्नोलॉजी और सतत मॉनिटरिंग के जरिए उत्कृष्टता का उदाहरण दिया है। विभाग द्वारा आगे भी पंचायतों को तकनीकी और प्रशिक्षण सहयोग प्रदान किया जाता रहेगा।


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Disclaimer: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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