लखनऊ (Lucknow) – उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (Uttar Pradesh Skill Development Mission) के निदेशक पुलकित खरे (Pulkit Khare) की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक वर्चुअल समीक्षा बैठक में प्रदेश भर में चल रही कौशल प्रशिक्षण गतिविधियों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में सभी जिला समन्वयकों और एम.आई.एस. प्रबंधकों ने भाग लिया।

प्रदेश स्तर पर कौशल प्रशिक्षण की समीक्षा:
मिशन निदेशक ने कहा कि प्रदेश सरकार के जीरो पॉवर्टी लक्ष्य की प्राप्ति हेतु रोजगार मेलों में प्रतिभाग और लाभान्वित होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या का सटीक आंकलन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक जिला यह सुनिश्चित करे कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवा समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण से लाभान्वित हों।
परिणामोन्मुख प्रशिक्षण पर बल:
पुलकित खरे (Pulkit Khare) ने कहा कि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण केंद्रों में प्रथम दिन ही सभी प्रशिक्षणार्थियों को दो सेट यूनिफॉर्म और पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। प्रत्येक बैच में दिव्यांगजन और महिलाओं को प्राथमिकता के साथ प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया गया।
DPMU और प्रोजेक्ट प्रवीण के लिए निर्देश:
निदेशक ने DPMU (District Project Management Unit) को निर्देश दिए कि मिशन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम सुचारू रूप से संचालित हों। प्रोजेक्ट प्रवीण (Project Praveen) के अंतर्गत चयनित स्कूलों में छात्र-छात्राओं का कौशल प्रशिक्षण शीघ्र आरंभ किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की शिथिलता बरतने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
महिला सशक्तिकरण और लखपति दीदी योजना:
बैठक में कौशल विकास मिशन के माध्यम से महिलाओं को रोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया। लखपति दीदी योजना (Lakhpati Didi Yojana) के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने और उन्हें प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
IndiaSkillsCompetition2025 की तैयारी:
पुलकित खरे ने जनपद स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं को पारदर्शिता, निष्पक्षता और समान अवसर के सिद्धांतों के अनुसार सम्पन्न किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रतियोगिताएं 25 नवम्बर तक पूरी कराई जाएँ।
समयबद्ध लक्ष्य और उच्च गुणवत्ता पर जोर:
मिशन निदेशक ने कहा कि प्रशिक्षण केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए ताकि कार्यक्रम समयबद्ध, पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता के साथ संचालित हो। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से जुड़े सभी रिकॉर्ड और एम.आई.एस. डेटाबेस को भी अपडेट रखना आवश्यक है।
प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण का महत्व:
इस बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन युवा शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार सृजन करने और सामाजिक आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में गंभीरता से काम कर रहा है। समयबद्ध प्रशिक्षण, लक्ष्यों की सटीक पूर्ति और सभी वर्गों की भागीदारी इस मिशन की सफलता की कुंजी हैं।
निष्कर्ष:
साप्ताहिक वर्चुअल बैठक ने कौशल विकास मिशन के हर जिले में परिणामोन्मुखी और जवाबदेह प्रशिक्षण कार्यक्रमों की दिशा स्पष्ट कर दी। पुलकित खरे (Pulkit Khare) ने सभी जिला समन्वयकों और एम.आई.एस. प्रबंधकों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को तेजी, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलें।
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