मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सख्ती: मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा का बड़ा निर्देश

लखनऊ (Lucknow): उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान की तैयारियों को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा (Navdeep Rinwa) ने मंगलवार को प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (District Election Officers) के साथ वर्चुअल बैठक कर समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राजनैतिक दलों के साथ समन्वय पर जोर:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जल्द से जल्द राजनीतिक दलों (Political Parties) के साथ बैठक कर SIR प्रक्रिया एवं आयोग (Election Commission) के दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी साझा करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पात्र व्यक्तियों के नाम सूची में जोड़े जाएं और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।

गणना प्रपत्रों के समयबद्ध संचालन के निर्देश:
नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया कि गणना प्रपत्रों (Enumeration Forms) का मुद्रण, वितरण, मिलान और संग्रहण समय से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक बीएलओ (BLO) को घर-घर जाकर सत्यापन करने और गणना प्रपत्रों की एक प्रति हस्ताक्षर सहित मतदाता को लौटाने के निर्देश दिए गए हैं।

मतदेय स्थलों के निर्धारण पर सख्ती:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि किसी भी मतदेय स्थल (Polling Station) पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि ड्राफ्ट प्रकाशन से पूर्व सभी मतदेय स्थलों का निरीक्षण कर सम्भाजन कार्य (Rationalization Work) पूरा किया जाए, ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

नवयुवकों के नाम जोड़ने पर विशेष ध्यान:
रिणवा ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि जो नवयुवक 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं, उनके नाम मतदाता सूची में अनिवार्य रूप से शामिल किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र नया मतदाता सूची से वंचित न रहे।

विशेष वर्गों के लिए सहायता व्यवस्था:
उन्होंने बताया कि वृद्ध, दिव्यांग, बीमार और निर्धन मतदाताओं (Senior Citizens, Differently Abled, Poor Voters) को सहयोग देने के लिए स्वयंसेवकों (Volunteers) की तैनाती की जाए। यह व्यवस्था मतदाताओं को विशेष सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से की जा रही है।

SIR प्रक्रिया की प्रमुख तिथियां:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने SIR प्रक्रिया के कार्यक्रम की प्रमुख तिथियां साझा कीं—

  • 03 नवम्बर 2025 तक: तैयारी, प्रशिक्षण एवं प्रपत्र मुद्रण का कार्य पूर्ण किया जाएगा।
  • 04 नवम्बर से 04 दिसम्बर 2025 तक: घर-घर गणना प्रपत्रों का वितरण और संकलन किया जाएगा।
  • 09 दिसम्बर 2025 को: आलेख्य मतदाता सूची (Draft Voter List) का प्रकाशन होगा।
  • 09 दिसम्बर 2025 से 08 जनवरी 2026 तक: दावे और आपत्तियां दाखिल की जाएंगी।
  • 09 दिसम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक: सुनवाई, सत्यापन एवं निस्तारण किया जाएगा।
  • 07 फरवरी 2026 को: अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) का प्रकाशन किया जाएगा।

मिशन मोड में संचालित होगा अभियान:
रिणवा ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य मिशन मोड (Mission Mode) में संचालित किया जाए। प्रत्येक जिले से दैनिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजी जाए, ताकि समयबद्ध रूप से निगरानी रखी जा सके।

राजनैतिक दलों से सहयोग की अपील:
उन्होंने कहा कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (SIR Campaign) की सफलता में राजनीतिक दलों और मतदाताओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। बुधवार को सीईओ (CEO) की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के साथ एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।



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डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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