गोरखपुर। पूर्वांचल की औद्योगिक राजधानी के रूप में उभरते गोरखपुर को एक और बड़ा तोहफ़ा मिलने जा रहा है। मल्टीनेशनल कंपनी पेप्सिको के बाद अब कोका-कोला का बॉटलिंग प्लांट भी यहां स्थापित होगा। अमृत बॉटलर्स द्वारा 700 करोड़ रुपये के निवेश से बनने जा रहे इस प्लांट का भूमि पूजन और शिलान्यास 4 सितम्बर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों होने की संभावना है।
गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के सेक्टर-27 में लगने वाला यह प्लांट पहले चरण में प्रतिदिन 3000 बोतलों की उत्पादन क्षमता के साथ थम्सअप, फैंटा, स्प्राइट, माजा और किनले ब्रांड का उत्पादन करेगा। अनुमान है कि इस परियोजना से करीब 1200 लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार मिलेगा। इससे पहले गीडा क्षेत्र में पेप्सिको की फ्रेंचाइजी वरुण बेवरेजेज का 1100 करोड़ रुपये से स्थापित प्लांट पहले से उत्पादनरत है।
सीएम योगी आदित्यनाथ अपने दौरे में न केवल कोका-कोला प्लांट का शिलान्यास करेंगे, बल्कि प्लास्टिक पार्क में 120 करोड़ रुपये की लागत से बनी तीन इकाइयों का लोकार्पण, 640 करोड़ रुपये की निवेश वाली तीन नई यूनिट्स का शिलान्यास और कालेसर आवासीय योजना सेक्टर-11 के लिए आवंटन पत्रों का वितरण भी करेंगे। इसके अलावा सीईटीपी, सीपेट सेंटर तथा 281 करोड़ रुपये के अवस्थापना विकास कार्यों की सौगात भी गोरखपुर को मिलेगी। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री 2251 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का तोहफ़ा देंगे।
प्लास्टिक पार्क बना निवेश का नया केंद्र
गीडा के 88 एकड़ में विकसित प्लास्टिक पार्क में अब तक 92 यूनिट्स में से लगभग पांच दर्जन को भूमि आवंटित हो चुकी है। यहां कई इकाइयों ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है। सीएम योगी जिन तीन इकाइयों का लोकार्पण करेंगे, उनमें प्रमुख टेक्नोप्लास्ट पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड है, जिसने 96 करोड़ रुपये का निवेश कर 250 लोगों को रोजगार दिया है।
नई औद्योगिक परियोजनाएं
सेक्टर-27 में एपीएल अपोलो ट्यूब्स लिमिटेड, ग्रीनटेक भारत प्राइवेट लिमिटेड और कपिला कृषि उद्योग की इकाइयों का शिलान्यास भी होगा, जिनमें 640 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इनके शुरू होने से भी 1200 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।
बुनियादी ढांचे को भी मिलेगी मजबूती
गीडा क्षेत्र में 93.52 करोड़ रुपये की लागत से 4 एमएलडी क्षमता का कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) और 16 करोड़ की लागत से सीपेट स्किल ट्रेनिंग सेंटर व सीएफसी का शिलान्यास भी प्रस्तावित है। साथ ही 281 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं के तहत सड़क, नाली, पुलिया, स्ट्रीट लाइट और बिजली व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
स्पष्ट है कि गोरखपुर तेजी से देश का प्रमुख औद्योगिक गंतव्य बनता जा रहा है। कोका-कोला का यह नया प्लांट न केवल उद्योग जगत का विश्वास बढ़ाएगा बल्कि पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था को भी नई उड़ान देगा।