लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के एक बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार नशा मुक्त भारत और नशा मुक्त उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को लेकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े संगठित ड्रग माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। इस नीति के तहत राज्य भर में एक विशेष और सघन अभियान चलाया जा रहा है।
मंत्री संजय निषाद के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना है। सरकार यह मानती है कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है, इसलिए इसके खिलाफ कठोर कदम उठाना आवश्यक है।
जीरो टॉलरेंस नीति पर सरकार का जोर:
संजय निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा तय की गई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध मादक पदार्थों से जुड़े हर स्तर के अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। कोडीन और अन्य मादक पदार्थों के अवैध भंडारण, खरीद, बिक्री और हेरफेर को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इस नीति का स्पष्ट संदेश है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान में पुलिस और संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना किसी दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई करें। सरकार का मकसद केवल आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि नशे के पूरे नेटवर्क को तोड़ना है।
31 जिलों में दर्ज हुए 74 मामले:
मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक प्रदेश के 31 जिलों में इस तरह के कुल 74 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में अवैध मादक पदार्थों के भंडारण और तस्करी से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सरकार के अनुसार, यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि अभियान केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और आने वाले समय में इसके और ठोस परिणाम सामने आएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर जिले में नशा कारोबार की जड़ों पर प्रहार किया जाए।
विपक्ष की भूमिका पर उठाए सवाल:
संजय निषाद ने इस पूरे मामले में विपक्ष की भूमिका को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि कुछ सिंडीकेट से जुड़े लोगों के साथ सामने आई तस्वीरों पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। मंत्री के अनुसार, जब सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है, तब विपक्ष का रुख साफ और पारदर्शी होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव का इन लोगों से कोई संबंध नहीं है, तो उन्हें देश और राज्य की जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए। राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप आम बात है, लेकिन नशे जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दे पर किसी भी तरह का भ्रम या चुप्पी समाज के लिए नुकसानदेह हो सकती है।
नशा मुक्त समाज की दिशा में प्रयास:
मंत्री ने दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और नशा मुक्त समाज का निर्माण करना है। इसके लिए जागरूकता अभियान, सख्त कानून और त्वरित कार्रवाई को एक साथ लागू किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि जब तक समाज का हर वर्ग इस लड़ाई में साथ नहीं देगा, तब तक नशे के खिलाफ पूरी तरह जीत संभव नहीं है।
उन्होंने अपील की कि राजनीतिक दलों को भी इस मुद्दे पर एकजुट होकर सरकार का सहयोग करना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके।
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