यूपी में आज आएगा SIR का ड्राफ्ट रोल, नहीं मिला नाम तो क्या करना है? यहां जानें पूरी जानकारी

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन हो गया है। जानकारी के अनुसार 1 जनवरी 2026 के आधार पर तैयार इस ड्राफ्ट सूची में लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कटे हैं। मतदाता अब अपनी जानकारी जांच सकते हैं और यदि नाम कट गया है तो उसे जोड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer) नवदीप रिणवा ने इसकी पुष्टि की है।

SIR अभियान की प्रक्रिया और अवधि:
उत्तर प्रदेश में SIR अभियान 4 नवंबर 2025 से 26 दिसंबर 2025 तक चला। इस दौरान प्रदेश में कुल लगभग 15.44 करोड़ मतदाताओं की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा में मृत्यु, निवास स्थान परिवर्तन, अन्य जगह नामांकन, अनुपस्थिति या फॉर्म न जमा करने जैसी वजहों से लगभग 2.89 करोड़ नाम विभिन्न कारणों से अनमैप्ड या अनकलेक्टेबल श्रेणी में आए। परिणामस्वरूप ड्राफ्ट सूची में करीब 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल होने की संभावना है।

अनमैप्ड मतदाताओं की स्थिति:
ड्राफ्ट सूची में शामिल 1 करोड़ से अधिक मतदाता “अनमैप्ड” श्रेणी में हैं। इन मतदाताओं को ईआरओ (Electoral Registration Officer) द्वारा नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं को निर्धारित 12 दस्तावेजों में से कोई एक (जैसे आधार कार्ड, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर आदि) स्व-प्रमाणित जमा करना होगा, ताकि उनका नाम सूची में जोड़ा जा सके।

नाम जांच और आपत्तियों की प्रक्रिया:
ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाताओं को एक महीने का समय दिया गया है। यदि किसी का नाम सूची में नहीं है या किसी विवरण (नाम, पता, आयु आदि) में त्रुटि है, तो मतदाता आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, नाम, पता या आयु सुधारने के लिए फॉर्म-8 और अन्य आपत्तियों के लिए फॉर्म-7 का इस्तेमाल किया जा सकता है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन विकल्प:
दावे और आपत्तियां 6 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन (voters.eci.gov.in या ECINET ऐप) या बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से जमा की जा सकती हैं। आपत्तियों का निस्तारण 27 फरवरी 2026 तक पूरा किया जाएगा। सभी दावों-आपत्तियों के निपटारे के बाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

निर्वाचन आयोग की अपील और उद्देश्य:
निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने इस प्रक्रिया को “शुद्ध निर्वाचक नामावली, मजबूत लोकतंत्र” के थीम के तहत पारदर्शी और समावेशी बनाने पर जोर दिया है। मतदाताओं से आग्रह किया गया है कि वे जल्द से जल्द अपनी जानकारी voters.eci.gov.in पर जाकर जांच लें और आवश्यक कदम उठाएं, ताकि आगामी चुनावों में उनका वोट देने का अधिकार सुरक्षित रहे। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क किया जा सकता है।

लोकतंत्र और पारदर्शिता का संदेश:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने कहा कि यह प्रक्रिया राज्य के सभी मतदाताओं के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करती है और लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। उन्होंने अपील की कि मतदाता अपनी जानकारी स्वयं जांचें और किसी भी त्रुटि को तुरंत सुधारें, ताकि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में हर मतदाता का अधिकार सुरक्षित रह सके।

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com


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