उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर लगातार जारी है। नए साल की शुरुआत के साथ ही मौसम ने ऐसा रुख अपनाया है कि आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात यह हैं कि प्रदेश में मैदानी इलाकों की ठंड शिमला (Shimla), मनाली (Manali) और नैनीताल (Nainital) जैसे हिल स्टेशनों को भी पीछे छोड़ती नजर आ रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मथुरा (Mathura), हाथरस (Hathras), बदायूं (Badaun) और फर्रुखाबाद (Farrukhabad) सहित कई जिलों में हुई हल्की बूंदाबांदी ने ठिठुरन और बढ़ा दी। सीजन में पहली बार रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे ठंड का असर और गहरा हो गया है।
शुक्रवार की सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरे की मोटी चादर छाई रही। राजधानी लखनऊ (Lucknow) से लेकर कानपुर (Kanpur), गोरखपुर (Gorakhpur) और झांसी (Jhansi) तक दृश्यता बेहद सीमित हो गई। कई इलाकों में हालात इतने खराब रहे कि विजिबिलिटी शून्य से 10 मीटर के बीच सिमट गई। कोहरे और शीतलहर के इस दोहरे प्रहार ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह बदल दिया है।
घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें:
सुबह के समय घने कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर चलने वाले वाहन चालकों को खासा सतर्क रहना पड़ा। कई जगहों पर लोग सूरज निकलने का इंतजार करते दिखे ताकि आवागमन थोड़ा सुरक्षित हो सके। कोहरे का असर सिर्फ यातायात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाजार, दफ्तर और अन्य रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित हुईं।
इटावा में दर्दनाक सड़क हादसा:
कोहरे की वजह से इटावा (Etawah) में एक गंभीर सड़क हादसा सामने आया। कम दृश्यता के कारण दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। बताया गया कि पीछे से आ रहे ट्रक चालक को आगे चल रहे वाहन का अंदाजा नहीं हो सका और टक्कर हो गई। हादसे के तुरंत बाद एक ट्रक में आग लग गई, जिससे चालक केबिन में फंस गया। आग की चपेट में आने से चालक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना कोहरे के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को फिर से उजागर करती है।
रेल और हवाई सेवाएं प्रभावित:
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेल और हवाई यातायात पर देखने को मिल रहा है। गोरखपुर (Gorakhpur) समेत कई प्रमुख शहरों से गुजरने वाली 100 से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। यात्रियों को स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, हवाई यातायात भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। 10 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जबकि कई फ्लाइट्स देरी से उड़ान भर रही हैं। इससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है।
शीतलहर के चलते स्कूलों में बदलाव:
लगातार बढ़ती ठंड और शीतलहर को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। गोरखपुर (Gorakhpur) और कानपुर (Kanpur) में सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। अन्य शहरों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। अब कक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित होंगी, ताकि बच्चों को अत्यधिक ठंड से बचाया जा सके। अभिभावकों ने भी इस फैसले को राहत भरा बताया है।
बाराबंकी सबसे ठंडा जिला:
पिछले 24 घंटे के तापमान आंकड़ों पर नजर डालें तो बाराबंकी (Barabanki) प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद गोरखपुर (Gorakhpur) में 4.4 डिग्री, हरदोई (Hardoi) में 4.5 डिग्री, अयोध्या (Ayodhya) में 5 डिग्री और सुल्तानपुर (Sultanpur) में 5.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी लखनऊ (Lucknow) में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रहा, हालांकि यहां सुबह के समय धूप खिलने से लोगों को थोड़ी राहत महसूस हुई।
मौसम विभाग की चेतावनी जारी:
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भीषण शीतलहर और घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार सुबह और रात के समय विजिबिलिटी बेहद कम रह सकती है, जिससे सड़क और रेल यात्रा में जोखिम बढ़ेगा। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और बेहद जरूरी होने पर ही घर से निकलने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिक की राय:
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह (Atul Kumar Singh) ने बताया कि प्रदेश में अगले 3 से 4 दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाया रहेगा, जिससे दृश्यता प्रभावित होगी। साथ ही रात का तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़े पहनने, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने और सतर्क रहने की आवश्यकता है।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#उत्तर #प्रदेश #ठंड #कोहरा #शीतलहर #मौसम #दुर्घटना