यूपी के12,200 गांवों तक पहुंचेगी बस सेवा, आज कैबिनेट में CM परिवहन योजना पर फैसला

उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों की परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के हजारों गांवों तक बस सेवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को ब्लॉक और जिला मुख्यालय से बेहतर तरीके से जोड़ना है, ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके।

कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा:
राजधानी लखनऊ (Lucknow) स्थित लोकभवन (Lok Bhavan) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। बताया गया है कि इस बैठक में करीब 27 प्रस्ताव एजेंडे में शामिल हैं।
मुख्य सचिव एसपी गोयल (SP Goyal) ने सोमवार देर शाम कैबिनेट बैठक का एजेंडा जारी किया। इनमें मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 का प्रस्ताव भी प्रमुख रूप से शामिल है।

12 हजार से अधिक गांवों तक बस सुविधा:
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत प्रदेश के लगभग 12 हजार 200 गांवों तक बस सेवा पहुंचाने की योजना बनाई गई है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह (Dayashankar Singh) के अनुसार इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बसें संचालित करने वाले निजी ऑपरेटर्स को परमिट में बड़ी रियायत दी जाएगी। कुछ मामलों में परमिट शुल्क में पूरी तरह छूट देने का भी प्रस्ताव है।
सरकार का उद्देश्य यह है कि अधिक से अधिक निजी ऑपरेटर्स इस योजना में भाग लें और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बस सेवा शुरू हो सके।

सुबह गांव से चलकर जिला मुख्यालय तक पहुंचेगी बस:
योजना के तहत बसें गांव से सुबह लगभग 6 बजे रवाना होंगी। रास्ते में आसपास के 15 से 20 गांवों और संबंधित ब्लॉक मुख्यालय से गुजरते हुए यह बस सुबह करीब 10 बजे तक जिला मुख्यालय पहुंचेगी।
इसके बाद जिला मुख्यालय से बस शाम लगभग 4 बजे वापस चलेगी और उन्हीं गांवों से होते हुए रात करीब 8 बजे उसी गांव में पहुंचेगी, जहां से उसने यात्रा शुरू की थी। इस व्यवस्था से ग्रामीणों को नियमित और निश्चित समय पर बस सेवा उपलब्ध हो सकेगी।

किसानों, छात्रों और महिलाओं को होगा लाभ:
इस योजना का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों, विद्यार्थियों और महिलाओं को मिलने की संभावना है। किसानों को अपनी फसल ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक पहुंचाने में आसानी होगी।
इसके अलावा विद्यार्थियों को कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक आने-जाने में सुविधा मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए भी जिला मुख्यालय और बाजारों तक पहुंचना पहले की तुलना में आसान हो सकेगा।

शिक्षकों को कैशलेस इलाज और स्वास्थ्य बीमा:
कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़ा एक अहम प्रस्ताव भी शामिल है। इसके तहत प्रदेश के एडेड डिग्री कॉलेजों में कार्यरत नियमित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा इन शिक्षकों को पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा भी उपलब्ध कराया जा सकता है। यह लाभ प्राइवेट कॉलेजों के शिक्षकों और स्टेट यूनिवर्सिटी में कार्यरत नियमित तथा स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों को भी मिल सकता है।

सड़क परिवहन और आवास से जुड़े प्रस्ताव:
बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (Uttar Pradesh State Road Transport Corporation) की बसों पर लगाए गए अतिरिक्त टैक्स को कम करने से जुड़ा प्रस्ताव भी शामिल है। इसके लिए उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम 1997 के तहत अधिसूचना जारी करने की तैयारी है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 (Pradhan Mantri Awas Yojana Urban 2.0) के अंतर्गत किफायती आवास और किफायती किराया आवास योजना की नीति को भी मंजूरी दिए जाने की संभावना है।

कई शहरों में विकास योजनाओं को मिलेगी राशि:
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण और नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत बरेली (Bareilly), वाराणसी (Varanasi), उरई (Orai), चित्रकूट (Chitrakoot), बांदा (Banda), प्रतापगढ़ (Pratapgarh), गाजीपुर (Ghazipur) और मऊ (Mau) जैसे शहरों के लिए विकास कार्यों की राशि जारी करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है।
इसके अलावा अयोध्या (Ayodhya) में मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए भूमि हस्तांतरण से जुड़ा प्रस्ताव भी रखा जाएगा।

डेयरी प्लांट और औद्योगिक विकास योजनाएं:
बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत बांदा जिले में प्रतिदिन 20 हजार लीटर क्षमता का डेयरी प्लांट स्थापित करने की योजना पर भी विचार किया जाएगा। वहीं झांसी (Jhansi) में पहले से संचालित 10 हजार लीटर क्षमता वाले डेयरी प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 30 हजार लीटर प्रतिदिन करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
इसके साथ ही मेरठ (Meerut) में एक्सप्रेस-वे के पास इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर स्थापित करने से जुड़ी विकास योजनाओं को भी मंजूरी मिल सकती है।

अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रस्ताव:
कैबिनेट बैठक में कई अन्य प्रशासनिक और नीतिगत प्रस्तावों पर भी चर्चा की जाएगी। इनमें उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली 1956 में संशोधन, उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली 1975 में बदलाव और उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी 2022 में संशोधन जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
इसके अलावा प्रदेश में खनिजों की ऑनलाइन टेंडर और ई-नीलामी प्रक्रिया के लिए एमएसटीसी लिमिटेड (MSTC Limited) को कार्यदायी संस्था नामित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

पीएसी को मिल सकती हैं नई गाड़ियां:
प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पीएसी (PAC) वाहिनी के पुराने और कंडम वाहनों की जगह 46 नए वाहनों की खरीद को भी मंजूरी मिल सकती है। यह प्रस्ताव भी कैबिनेट बैठक के एजेंडे में शामिल बताया जा रहा है।

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