कैबिनेट की बैठक आज, आठ लाख शिक्षकों को मिल सकता है कैशलेश चिकित्सा का तोहफा; हो सकते हैं ये फैसले

उत्तर प्रदेश में माध्यमिक और प्राइमरी स्कूलों से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। राज्य सरकार की ओर से कैशलेस इलाज की सुविधा लागू किए जाने का प्रस्ताव सामने आया है, जिससे 10 लाख से अधिक कर्मचारियों और उनके आश्रितों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। यह व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों को इलाज के दौरान आर्थिक चिंता से जूझना नहीं पड़ेगा।

किन शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज:
अफसरों के अनुसार माध्यमिक शिक्षा विभाग के एडेड और सेल्फ फाइनेंस स्कूलों के शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही यह नियम बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में भी लागू होगा। बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले फाइनेंस और सेल्फ फाइनेंस स्कूलों के शिक्षक, शिक्षा मित्र, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की वार्डेन, पूर्णकालिक और अंशकालिक शिक्षक भी इस सुविधा के दायरे में आएंगे।

आश्रित परिवार के सदस्य भी होंगे शामिल:
सरकार की योजना के मुताबिक प्रधानमंत्री पोषण योजना से जुड़े रसोइयों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इस कदम को शिक्षा जगत से जुड़े कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

कैबिनेट बैठक में अहम प्रस्ताव:
गुरुवार को CM योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में कुल 29 प्रस्तावों पर चर्चा प्रस्तावित है। मुख्य सचिव एसपी गोयल (SP Goyal) ने बुधवार देर शाम बैठक का एजेंडा जारी किया। विधानसभा चुनाव से पहले इस फैसले को सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है।

शिक्षक दिवस पर किया गया था ऐलान:
CM योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के मौके पर कैशलेस इलाज की सुविधा का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि अब शिक्षकों को इलाज के दौरान पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। सामान्य बीमारी हो या गंभीर, सभी तरह के उपचार कैशलेस व्यवस्था के तहत कराए जा सकेंगे।

बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क:
कैबिनेट एजेंडा में बरेली (Bareilly) और मुरादाबाद (Moradabad) में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना का प्रस्ताव भी शामिल है। बरेली विकास प्राधिकरण और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण को इन परियोजनाओं के लिए कार्यदायी संस्था नामित किए जाने की तैयारी है।

परिवहन और कर व्यवस्था में बदलाव:
यूपी मोटरयान कराधान अधिनियम, 1997 में संशोधन कर नई कर अधिसूचनाएं जारी करने का प्रस्ताव है, जिससे राजस्व बढ़ाने और परिवहन कर ढांचे में सुधार की योजना बनाई गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश परिवहन सेवा (सप्तम संशोधन) नियमावली, 2026 और सहायक मोटर यान निरीक्षक के 351 नए पदों से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा।

चीनी मिल और एयरपोर्ट विस्तार:
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) स्थित गंगा किसान सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने और आधुनिकीकरण के साथ नई चीनी मिल स्थापना का प्रस्ताव एजेंडा में शामिल है। इसके साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर (Noida International Airport Jewar) के भविष्य के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक परियोजनाएं:
लखनऊ-हरदोई (Lucknow-Hardoi) क्षेत्र में प्रस्तावित पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क के लिए औद्योगिक और स्वच्छ जलापूर्ति से जुड़ी परियोजनाओं पर 458 करोड़ रुपये से अधिक के खर्च को मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके अलावा देवरिया (Deoria) में राज्य मार्ग संख्या-79 के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण से जुड़ा प्रस्ताव भी एजेंडा में है।

डिजिटाइजेशन और नियमावली संशोधन:
राज्य में उप निबंधक कार्यालयों में पंजीकृत विलेखों का डिजिटाइजेशन किया जाएगा। साथ ही उत्तर प्रदेश ईंट भट्ठा नियमावली, 2026 और उप खनिजों की रॉयल्टी दरों में संशोधन से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा प्रस्तावित है।

पुनर्वासन और सामाजिक प्रस्ताव:
एजेंडा में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन और पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) से विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वासन की व्यवस्था से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं।

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