यूपी मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार जल्द, 12 से अधिक मंत्रियों के बदले जाने के संकेत

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में योगी सरकार (Yogi Government) 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार बहुत जल्द होने वाला है। 2027 विधानसभा चुनाव और इस साल होने वाले पंचायत चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार गुजरात मॉडल (Gujarat Model) की तर्ज पर आधे से अधिक मंत्रियों को हटाकर नई टीम बना सकती है। अनुमान है कि करीब 12 से अधिक मंत्री बदले जा सकते हैं और नए सामाजिक समीकरणों के तहत लगभग 15 विधायक और पार्टी पदाधिकारी मंत्री बन सकते हैं।

वर्तमान मंत्रिमंडल की स्थिति:
योगी सरकार (Yogi Government) में वर्तमान में सीएम योगी (CM Yogi), डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Deputy CM Keshav Prasad Maurya), डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Deputy CM Brajesh Pathak) सहित कुल 21 कैबिनेट मंत्री, 14 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 19 राज्यमंत्री हैं। पहले मंत्रिमंडल विस्तार 5 मार्च, 2024 को लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) से पहले हुआ था। इसमें सुभासपा (Suheldev Bhartiya Samaj Party) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar), रालोद (Rashtriya Lok Dal) से अनिल कुमार (Anil Kumar), भाजपा (BJP) के सुनील शर्मा (Sunil Sharma) और दारा सिंह चौहान (Dara Singh Chauhan) को मंत्री बनाया गया था। वर्तमान में सरकार में 54 मंत्री हैं और अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं, इसलिए अभी छह और नए मंत्री बनाए जा सकते हैं।

नए चेहरों को जगह देने की रणनीति:
पार्टी सूत्रों के अनुसार केंद्रीय टीम में एक वर्ग चाहता है कि यूपी (Uttar Pradesh) मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव किया जाए। करीब 50 फीसदी मौजूदा मंत्रियों को हटाकर संगठन और विधायकों से नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। मौजूदा मंत्रियों को अगले एक साल फील्ड में भेजकर चुनाव लड़ने और चुनाव लड़ाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। नए मंत्रियों के आने से सामाजिक समीकरण ठीक रहेंगे और सरकार में नई लीडरशिप तैयार होगी।

छोटे बदलाव की राय:
हालांकि कुछ राय यह भी है कि चुनावी साल में जाने से पहले मंत्रिमंडल में ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहिए। उनका सुझाव है कि बड़े बदलाव की बजाय छोटे फेरबदल किए जाएं। मौजूदा मंत्रियों के विभाग बदले जाएं और खाली पदों पर नए चेहरों को शामिल किया जाए। इससे मंत्रियों को टिकट कटने की आशंका नहीं होगी और वह विपक्ष में शामिल होने से बचेंगे।

पार्टी नेतृत्व और भविष्य की तैयारी:
14 दिसंबर, 2025 को पंकज चौधरी (Pankaj Chaudhary) भाजपा (BJP) प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। हाल ही में नितिन नवीन (Nitin Naveen) ने राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President) की जिम्मेदारी संभाली। इन परिवर्तनों के बाद माना जा रहा है कि यूपी मंत्रिमंडल विस्तार (UP Cabinet Expansion) जल्द किया जा सकता है। यह सरकार और पार्टी दोनों के लिए नए चेहरे तैयार करने का अवसर होगा।

सामाजिक और राजनीतिक समीकरण:
नए मंत्रियों के आने से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सामाजिक समीकरण संतुलित रहेंगे। संगठन और फील्ड की नाराजगी कम होगी और नए मंत्री पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। इसके साथ ही नए नेतृत्व से आगामी विधानसभा और पंचायत चुनावों के लिए सरकार की रणनीति मजबूत होगी।

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