लखनऊ (Lucknow), 11 फरवरी। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विकास और जनकल्याण को केंद्र में रखकर प्रस्तुत किया गया यह बजट प्रदेश की समृद्धि और जनमानस की खुशहाली को समर्पित बताया गया है। कहा गया है कि यह बजट गांव, गरीब, किसान, महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की अपेक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नए उत्तर प्रदेश के संकल्पों को साकार करने की सोच के साथ तैयार इस बजट में समाज के प्रत्येक वर्ग को ध्यान में रखने का प्रयास किया गया है।
हर वर्ग के हितों पर केंद्रित बजट:
ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। बजट में ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी आबादी तक सभी वर्गों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा गया है। सामाजिक सुरक्षा, आधारभूत संरचना और जनहितकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रावधान किए गए हैं। यह बजट केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करने वाला खाका है, जो व्यापक विकास की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में अग्रसर है।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर:
बजट में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सके। नई स्वास्थ्य अवसंरचना के निर्माण, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के माध्यम से चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। “स्वस्थ प्रदेश, समृद्ध प्रदेश” के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए योजनाओं का विस्तार भी प्रस्तावित है।
चिकित्सा शिक्षा और उपचार सुविधाओं का विस्तार:
प्रदेश सरकार पिछले नौ वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुधार की दिशा में कार्यरत है। नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, चिकित्सा शिक्षा के दायरे को बढ़ाने और कैंसर उपचार सुविधाओं में वृद्धि के लिए बजट में प्रावधान किए गए हैं। इसके साथ ही असाध्य रोगों के निःशुल्क उपचार के लिए भी वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। इन कदमों का उद्देश्य यह है कि आमजन को बेहतर और सस्ती चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
पारदर्शिता और गुणवत्ता सुधार के प्रति प्रतिबद्धता:
सरकार ने स्वास्थ्य तंत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुधार को प्राथमिकता दी है। बजट के माध्यम से स्वास्थ्य संस्थानों की क्षमता बढ़ाने, सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने और जनहितकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है। यह सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक आवश्यक उपचार से वंचित न रहे।
कुल मिलाकर यह बजट नए उत्तर प्रदेश के निर्माण की दिशा में एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है, जिसमें विकास, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और जनकल्याण को प्राथमिकता दी गई है।
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