लखनऊ में उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बार फिर छात्र राजनीति गर्माती नजर आई। बिरसा आंबेडकर फुले छात्र संगठन (बापसा) उत्तर प्रदेश के बैनर तले UGC गाइडलाइंस-2026 के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में छात्र लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) के गेट पर एकत्र हुए और अपनी मांगों के समर्थन में सड़कों पर उतर आए। इस प्रदर्शन ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय के गेट नंबर-3 से परिवर्तन चौक (Parivartan Chowk) तक समर्थन मार्च निकालने की कोशिश की। जैसे ही छात्र आगे बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए छात्रों को खदेड़ना शुरू कर दिया।
मार्च के दौरान बढ़ा तनाव:
समर्थन मार्च के दौरान हालात उस समय ज्यादा तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस ने करीब दो किलोमीटर तक छात्रों को दौड़ाया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अलग-अलग रास्तों से आगे बढ़ते रहे। एक ओर पुलिस छात्रों को रोकने में जुटी रही, वहीं दूसरी ओर कुछ छात्र परिवर्तन चौक तक पहुंचने में सफल हो गए। वहां पहुंचते ही छात्रों ने सड़क पर बैठकर जमकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
परिवर्तन चौक पर नारेबाजी:
परिवर्तन चौक पर पहुंचे छात्रों ने UGC गाइडलाइंस-2026 को पूरी तरह लागू करने की मांग को लेकर नारे लगाए। छात्रों का कहना था कि नई गाइडलाइंस से उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और समानता आएगी। प्रदर्शनकारी लगातार अपनी मांगों को दोहराते रहे और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और हिरासत:
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। नारेबाजी और प्रदर्शन को देखते हुए कई छात्रों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने की अपील भी की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
धारा 144 को लेकर उठे सवाल:
बापसा के उपाध्यक्ष आकाश कठेरिया ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले इसी स्थान पर UGC के नए गाइडलाइंस के विरोध में प्रदर्शन हो रहा था, जिसमें बाहरी लोग लखनऊ यूनिवर्सिटी (Lucknow University) के कैंपस में आकर प्रदर्शन कर रहे थे। उस समय धारा 144 लागू नहीं थी, लेकिन अब समर्थन प्रदर्शन के दौरान धारा 144 लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि संगठन शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करना चाहता है और अपने अधिकारों का प्रयोग करेगा।
कई जिलों से पहुंचे समर्थक:
आकाश कठेरिया ने यह भी कहा कि इस प्रदर्शन में केवल लखनऊ ही नहीं, बल्कि कई जिलों से छात्र और समर्थक पहुंचे हैं। उनका कहना था कि UGC गाइडलाइंस-2026 को पूरी तरह और प्रभावी तरीके से लागू किया जाना चाहिए, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। संगठन का दावा है कि यह आंदोलन केवल नियमों के समर्थन तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक प्रयास है।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात:
प्रदर्शन को देखते हुए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही थी, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस और प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कही, वहीं छात्र संगठन अपने आंदोलन को जायज ठहराते रहे।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर छात्र संगठनों की सक्रियता कितनी तेज है और किस तरह से ऐसे प्रदर्शन कानून-व्यवस्था की चुनौती बन जाते हैं।
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