लखनऊ | मध्य प्रदेश और राजस्थान में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की दर्दनाक मौतों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (Food Safety and Drug Administration) ने बड़ा कदम उठाते हुए तमिलनाडु (Tamil Nadu) की श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स (Srisun Pharmaceuticals) कंपनी के ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप (Coldrif Cough Syrup, Batch No. SR-13) पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस सिरप की बिक्री, वितरण, आयात-निर्यात और उपयोग पर सख्त रोक लगाई गई है। प्रदेश भर से इस दवा के नमूने एकत्र करने और उन्हें लखनऊ (Lucknow) की राज्य औषधि प्रयोगशाला (State Drug Laboratory) में जांच के लिए भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं।

लखनऊ में एक्शन मोड पर प्रशासन:
राजधानी लखनऊ में प्रशासनिक स्तर पर एक्शन का ग्राउंड जीरो नजारा देखने को मिला। ड्रग विभाग (Drug Department) की टीम ने मीडिया (Media) के साथ मिलकर मेडिकल स्टोर्स और सरकारी अस्पतालों में अचानक छापेमारी की। ड्रग इंस्पेक्टर संदेश मौर्य ने मौके पर ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप की जांच की और नमूने एकत्र किए। उन्होंने बताया कि श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स कंपनी के इस सिरप की आपूर्ति उत्तर प्रदेश में नहीं की जा रही थी, फिर भी एहतियातन पूरे प्रदेश में जांच अभियान चलाया जा रहा है। जांच में इस सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol – DEG) नामक जहरीला तत्व पाया गया है, जो बच्चों की किडनी फेल होने और मौत का कारण बन रहा है।

जांच में कोई लापरवाही नहीं बर्दाश्त होगी:
ड्रग इंस्पेक्टर मौर्य ने कहा कि अगर किसी अन्य कंपनी के सिरप में भी ऐसा जहरीला कंपोनेंट पाया गया, तो उस पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी जिलों से रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो जाती। वहीं, औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त दिनेश कुमार तिवारी ने भी सख्त रुख अपनाते हुए सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को पत्र जारी किया है।

हर जिले से सिरप के सैंपल जुटाने के निर्देश:
दिनेश कुमार तिवारी ने आदेश दिया है कि प्रदेश के हर जिले से कफ सिरप के नमूने एकत्र किए जाएं और उनकी ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज की जाए। इसके साथ ही, निर्माण इकाइयों में प्रयुक्त प्रोपलीन ग्लाइकॉल (Propylene Glycol) के सैंपल भी जांच के दायरे में लाए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर दोषी कंपनियों के लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई होगी।
लोहिया संस्थान में भी जांच अभियान:
राजधानी के प्रमुख अस्पताल लोहिया संस्थान (Lohia Institute) में भी ड्रग इंस्पेक्टर संदेश मौर्य के नेतृत्व में जांच की गई। यहां मेडिकल स्टोर्स, गोदामों और फार्मेसी यूनिट्स में रखे कफ सिरप की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि अगर ‘कोल्ड्रिफ’ या उससे मिलते-जुलते किसी अन्य सिरप का स्टॉक मिला तो तुरंत जब्त कर नष्ट कर दिया जाएगा।
प्रदेश में सख्त निगरानी और सतर्कता बढ़ी:
उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और औषधि निरीक्षकों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी जहरीली दवा को बाजार में आने नहीं दिया जाएगा। इस पूरे अभियान का उद्देश्य है कि ऐसी किसी भी घातक दवा की बिक्री या वितरण पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
इस बड़े कदम से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश सरकार अब दवा उद्योग में पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। जहरीले कफ सिरप के खिलाफ यह एक निर्णायक कार्रवाई मानी जा रही है, जिससे अन्य फार्मा कंपनियों को भी सख्त चेतावनी मिली है कि जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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