रिपोर्टर: जफ़र इकबाल
गाजीपुर (Ghazipur) में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (Teachers Federation of India) के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपने पहुंचे। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या 01385/2025 में 01 सितंबर 2025 को पारित आदेश के विरोध में शिक्षकों ने यह कदम उठाया। आदेश में आरटीई अधिनियम 2009 लागू होने से पूर्व नियुक्त और कार्यरत शिक्षकों के लिए भी टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है, अन्यथा सेवा समाप्ति और पदोन्नति से वंचित किए जाने की बात कही गई है। इस निर्णय को लेकर शिक्षकों में गहरा असंतोष देखा गया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आपत्ति:
शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह आदेश आरटीई अधिनियम 2009 तथा एनसीटीई की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना के विपरीत है। उनका तर्क है कि विधायिका द्वारा बनाए गए प्रावधानों के उलट यह आदेश पारित हुआ है, जिससे देशभर के लगभग 25 लाख शिक्षकों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। शिक्षकों का कहना है कि इससे उनके परिवारों का भविष्य भी असुरक्षित हो गया है। इसी संदर्भ में विभिन्न शिक्षक संगठनों और महासंघों ने एकजुट होकर टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया का गठन कर भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
संसद और सरकार से हस्तक्षेप की मांग:
उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ-गाजीपुर के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि टीएफआई के बैनर तले देश के सभी सांसदों को पत्र भेजकर यह मुद्दा संसद में उठाने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व प्रधानमंत्री को भी जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया जा चुका है। 22 फरवरी 2026 को ट्विटर अभियान चलाया गया तथा 23 से 25 फरवरी तक काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया गया। शिक्षकों का कहना है कि यदि सेवा शर्तों की सुरक्षा हेतु शीघ्र कदम नहीं उठाया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
विभिन्न संगठनों का समर्थन:
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेश्याम सिंह यादव ने कहा कि सभी शिक्षक संगठन एक मंच पर आ चुके हैं और अपनी मांगों को लेकर दृढ़ हैं। महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष प्रीति सिंह ने भी शिक्षकों से एकजुट रहने का आह्वान किया। धरना कार्यक्रम में महातिम यादव, भगवती तिवारी, विरेन्द्र यादव, डॉ. मनोहर यादव, राजीव ओझा, कमलेश यादव, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. राजेश यादव, गायत्री राय, ओमप्रकाश सिंह, डॉ. रवीन्द्र नाथ यादव, राजेश राम, सुप्रिया जायसवाल, आनन्द प्रकाश यादव, नीलम, विजेन्द्र यादव, दीपक जायसवाल, अरुण राय और जनार्दन यादव सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
पैदल मार्च और ज्ञापन सौंपा:
हजारों शिक्षकों ने दोपहर करीब दो बजे बीएसए कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट गाजीपुर पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी प्रतिनिधि को सौंपा। कार्यक्रम का संचालन इसरार अहमद सिद्दीकी, जिलामंत्री उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ-गाजीपुर और अजय कुमार, जिलामंत्री उप्र जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ-गाजीपुर ने संयुक्त रूप से किया। धरना और मार्च के दौरान शिक्षकों ने सेवा सुरक्षा से जुड़े नारे लगाए और एकजुटता का प्रदर्शन किया।
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