गाजीपुर: करण्डा क्षेत्र में शिक्षक महफूज़ुर्रहमान के निधन से शोक की लहर

गाजीपुर (Ghazipur) जनपद के करण्डा क्षेत्र (Karanda) में शिक्षक महफूज़ुर्रहमान (Mahfoozurrahman) के निधन की खबर से शोक की लहर फैल गई। धरम्मरपुर (Dharammar Pur) गांव के निवासी महफूज़ुर्रहमान का लखनऊ (Lucknow) के एक निजी अस्पताल में 68 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही करण्डा क्षेत्र के साथ-साथ विशेष रूप से कटरिया (Katariya) और धरम्मरपुर गांव के लोगों में गहरा दुख देखा गया। लंबे समय तक शिक्षक के रूप में सेवा देने वाले महफूज़ुर्रहमान अपने व्यवहार, सादगी और समाज के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे, जिसके कारण विभिन्न वर्गों के लोगों में उनके प्रति सम्मान की भावना थी।
शिक्षक के निधन से क्षेत्र में शोक:
धरम्मरपुर (Dharammar Pur) निवासी महफूज़ुर्रहमान (Mahfoozurrahman) के निधन की खबर फैलते ही करण्डा (Karanda) क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया। बताया गया कि उनका उपचार लखनऊ (Lucknow) के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके परिवार में चार पुत्र, चार पुत्रियां और तीन भाई हैं। रमजान के पवित्र माह में उनके निधन से परिवार और क्षेत्र के लोगों में गहरा दुख व्यक्त किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार महफूज़ुर्रहमान लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े रहे और उन्होंने अनेक विद्यार्थियों को पढ़ाकर समाज में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि उनके शिष्यों और क्षेत्र के लोगों को भी गहरा आघात पहुंचा है।
जुहर की नमाज के बाद हुआ अंतिम संस्कार:
महफूज़ुर्रहमान (Mahfoozurrahman) के जनाजे की नमाज जुहर के बाद गांव के पानी टंकी के पास अदा की गई। इस अवसर पर क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। जनाजे में शामिल लोगों ने उन्हें एक सरल, मिलनसार और समर्पित शिक्षक के रूप में याद किया।
स्थानीय लोगों का कहना था कि उन्होंने अपने जीवन में शिक्षा और सामाजिक मूल्यों को हमेशा महत्व दिया। यही कारण रहा कि विभिन्न समुदायों के लोग उनके संपर्क में रहते थे और उन्हें सम्मान देते थे।
शिक्षक के रूप में समाज में रही विशेष पहचान:
महफूज़ुर्रहमान (Mahfoozurrahman) धरम्मरपुर (Dharammar Pur) और कटरिया (Katariya) क्षेत्र में शिक्षक के रूप में कार्यरत रहे। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सेवाओं को लोग आज भी याद करते हैं। उनके कई शिष्य आज विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं और अपने शिक्षक के प्रति सम्मान व्यक्त कर रहे हैं।
लोगों का कहना था कि उन्होंने हमेशा विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार देने का प्रयास किया। उनके शांत स्वभाव और सादगी के कारण हर वर्ग के लोग उनसे जुड़ाव महसूस करते थे।
शिष्यों और जनप्रतिनिधियों ने जताया दुख:
कटरिया (Katariya) निवासी और भाजपा महाराष्ट्र प्रवक्ता रत्नाकर सिंह (Ratnakar Singh) ने कहा कि महफूज़ुर्रहमान मास्टर के सभी वर्गों के लोगों से अच्छे संबंध थे। उन्होंने शिक्षक के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ किया। उनके कई शिष्य आज विभिन्न जिम्मेदार पदों पर कार्य कर रहे हैं और अपने शिक्षक के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं।
उनके निधन पर उनके शिष्यों में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) में कार्यरत तीर्थराज सिंह (Teerthraj Singh), रविकांत सिंह (Ravikant Singh), जीएसटी कमिश्नर हरिलाल (Harilal) सहित कई लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया।
स्थानीय लोगों ने दी श्रद्धांजलि:
धरम्मरपुर (Dharammar Pur) के ग्राम प्रधान डॉ. अवधेश यादव (Dr Avdhesh Yadav) ने कहा कि महफूज़ुर्रहमान जैसे सरल और मृदुभाषी व्यक्ति समाज में कम ही मिलते हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने के साथ-साथ सामाजिक संबंधों को भी मजबूती दी।
जनाजे में जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम यादव (Radheshyam Yadav), जिला पंचायत सदस्य करण्डा पंकज यादव (Pankaj Yadav), पूर्व प्रधान भीम सिंह यादव (Bhim Singh Yadav), हम्माद साजिद सिद्दीकी (Hammad Sajid Siddiqui) सहित क्षेत्र के अनेक लोग मौजूद रहे और उन्होंने दिवंगत शिक्षक को श्रद्धांजलि अर्पित की।


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Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com

रिपोर्टर: जफ़र इकबाल

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