Navratri Special: नवें स्वरूप माँ सिद्धिदात्री की कथा और अर्धनारीश्वर की उत्पत्ति…
पौराणिक मान्यताओं में देवी सिद्धिदात्री की कथा का विशेष महत्व माना जाता है। कथा के अनुसार, जब महिषासुर के अत्याचारों से समस्त देवता व्याकुल हो उठे, तब ब्रह्मा, विष्णु और शिव ने अपने-अपने तेज का संयोजन कर मां सिद्धिदात्री को प्रकट किया। उनकी दिव्य शक्ति…
Navratri Special: आठवें स्वरुप माँ महागौरी की कथा: पार्वती का तप और गौर वर्ण
दुर्गा अष्टमी व्रत कथा के अनुसार, देवी सती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की। इस तपस्या के दौरान पार्वती जी ने अटूट भक्ति और संकल्प के साथ वर्षों तक कठिन साधना की। तपस्या और पार्वती का संकल्प कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव ने…
Navratri Special: सप्तम स्वरुप मां कालरात्रि की कथा
देवी भागवत पुराण के अनुसार, मां कालरात्रि को काली का रूप माना जाता है। यह देवी कलियुग में प्रत्यक्ष रूप से फल देने वाली हैं। उनके शीघ्र जागृत होने और भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण करने की क्षमता उन्हें विशेष बनाती है। काली मां के अनेक नाम हैं, जिनमें…
Navratri Special: छठे स्वरुप मां कात्यायनी की कथा
कात्य गोत्र में जन्मे महर्षि कात्यायन ने मां भगवती पराम्बा की कठिन तपस्या की। उनका हृदय इस संकल्प से भरा था कि देवी उन्हें पुत्री रूप में प्राप्त हों। उनकी अटूट भक्ति और गहन साधना से प्रसन्न होकर मां भगवती उनके घर में पुत्री के रूप में प्रकट हुईं। इसी…
Navratri Special: पंचम स्वरुप स्कंद माता की कथा: राक्षस तारकासुर का अंत
सनातन धर्म की प्राचीन कथाओं में स्कंद माता का महत्व विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उनकी कथा तारकासुर नामक राक्षस के अत्याचारों और भगवान कार्तिकेय के जन्म से जुड़ी है। तारकासुर की तपस्या और वरदान कथा के अनुसार, तारकासुर नामक राक्षस ने ब्रह्मा जी को प्रसन्न…
Navratri Special: कथा माँ कूष्मांडा की – जिसने की ब्रह्मांड की रचना
प्राचीन काल की बात है, जब त्रिदेव—ब्रह्मा, विष्णु और महेश—ने सृष्टि की रचना करने का विचार किया, तब ब्रह्मांड में अंधकार का राज्य था। चारों ओर सन्नाटा और अंधेरा फैला हुआ था, न कोई प्रकाश था, न जीवन की कोई झलक। यह शून्यता त्रिदेव के लिए भी चुनौती बन गई थी।…
Navratri Special: तृतीय स्वरूप माँ चंद्रघंटा की कथा…
बहुत समय पूर्व महिषासुर नामक एक असुर ने कठोर तपस्या कर देवताओं से अपार शक्तियाँ प्राप्त कर ली थीं। वरदान पाकर वह अत्यंत अभिमानी हो गया और तीनों लोकों—स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल—पर अपना अधिकार जमाने लगा। उसकी शक्ति और क्रूरता के सामने देवता भी परास्त होने…
Navratri Special: कथा द्वितीय स्वरुप माँ ब्रह्मचारिणी की…
नवरात्रि का दूसरा दिन है और यह दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित होता है। भक्त इस दिन विधि-विधान से पूजा करते हैं और माता को उनका प्रिय भोग अर्पित करते हैं। मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा से साधक को असीम शक्ति और सफलता प्राप्त होती है। व्रत करने वाले लोग…
Navratri Special: प्रथम स्वरुप मां शैलपुत्री की कथा…
माता दुर्गा के पहले स्वरूप, मां शैलपुत्री, की कथा बेहद रोचक और प्रेरणादायक है। पौराणिक कथा के अनुसार, राजा दक्ष ने एक बार अपने राजमहल में भव्य यज्ञ का आयोजन किया। राजा दक्ष का अपने दामाद, भगवान शिव, से गहरा मतभेद था और वह उनसे बहुत क्रोधित रहते थे। यज्ञ…