लखनऊ (Lucknow), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में वरिष्ठ समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) नेता शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) ने राज्य सरकार के अनुपूरक बजट को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले से ही बजट को सही तरीके से खर्च नहीं कर पा रही है और अब जो अनुपूरक बजट आएगा, वह सीधे तौर पर बंदरबांट की भेंट चढ़ जाएगा। शिवपाल सिंह यादव का यह बयान प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बजट और वित्तीय प्रबंधन को लेकर बहस को तेज करता नजर आ रहा है।
अनुपूरक बजट पर उठाए सवाल:
शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि उन्होंने कई बार सरकार के अनुपूरक बजट को देखा है और हर बार यही स्थिति सामने आई है कि बजट का समुचित उपयोग नहीं हो पाता। उनका आरोप है कि सरकार योजनाओं के नाम पर बजट तो लाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका असर नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि अनुपूरक बजट जनता की जरूरतों को पूरा करने के बजाय कुछ लोगों के हित साधने का जरिया बन जाता है।
बजट खर्च न कर पाने का आरोप:
वरिष्ठ सपा नेता ने यह भी कहा कि सरकार के पास पहले से स्वीकृत बजट को खर्च करने की क्षमता नहीं है। ऐसे में बार-बार अनुपूरक बजट लाने का औचित्य समझ से परे है। उनके अनुसार, यदि सरकार योजनाओं को सही ढंग से लागू करे तो अतिरिक्त बजट की आवश्यकता ही न पड़े। शिवपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि वित्तीय अनुशासन की कमी के कारण ही विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सरकार की नीयत पर सवाल:
शिवपाल सिंह यादव ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि अनुपूरक बजट का उद्देश्य जनकल्याण कम और राजनीतिक फायदे ज्यादा नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि बजट का लाभ आम जनता तक पहुंचने के बजाय चुनिंदा लोगों तक सीमित रह जाता है। उनके इस बयान को सरकार की आर्थिक नीतियों पर सीधा हमला माना जा रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज:
शिवपाल सिंह यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो सकता है। विपक्ष पहले से ही सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाता रहा है और अनुपूरक बजट को लेकर दिया गया यह बयान उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। सपा नेताओं का कहना है कि सरकार को बजट पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ लागू करना चाहिए।
जनहित से जुड़ा मुद्दा:
शिवपाल सिंह यादव ने यह भी कहा कि बजट जनता के टैक्स के पैसे से बनता है, इसलिए उसका सही उपयोग होना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में जनहित में काम करना चाहती है तो पहले मौजूदा बजट का पूरा और सही इस्तेमाल करे। अनुपूरक बजट को लेकर उठाए गए ये सवाल आम लोगों से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं।
भविष्य की राजनीति पर असर:
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अनुपूरक बजट को लेकर इस तरह के बयान आने वाले समय में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव को और बढ़ा सकते हैं। बजट जैसे संवेदनशील मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना सरकार के लिए चुनौती बन सकती है।
निष्कर्ष:
शिवपाल सिंह यादव का बयान सरकार की वित्तीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अनुपूरक बजट को लेकर लगाए गए आरोपों के बीच यह देखना अहम होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और बजट के उपयोग को लेकर क्या कदम उठाती है।
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