महाकुंभ में कैसे मची भगदड़ – मौत पर संशय! कई सवाल…

Mahakumbh 2025: धर्म, संस्कृति और आस्था के महापर्व महाकुम्भ 2025 का आज दूसरा अमृत स्नान है और इस पावन दिन पर प्रयागराज से दुख भरी खबर भी सामने आई जहां भगदड़ मच गई और इस भगदड़ में कई लोग घायल हो गए मीडिया सूत्रों का कहना है कि कई लोगों की मौत भी हो गई है। मौनी अमावस्या की पावन तिथि के कारण यह स्नान और भी विशेष हो जाता है। मान्यता अनुसार आज के दिन मां गंगा में स्नान करने के लिए गृहों की स्थिति सबसे अनुकूल होती है। आज के दिन गंगा में स्नान करने से श्रद्धालुओं को पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी आस्था को देखते हुए सभी श्रद्धालुओं के मन में मां गंगा में स्नान करने का भाव था और शायद इसीलिए श्रद्धालुओं ने कोशिश की कि वह संगम नोज की तरफ जाकर इस पावन स्नान को कर पाए।। मौनी अमावस्या पर आधी रात से ही मौन डुबकी शुरू हो चुकी थी और इस बीच भगदड़ मच गई।

मौनी अमावस्या के मौके पर होने वाले अमृत स्नान को सबसे बड़ा स्नान माना जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि 10 करोड़ लोग त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे।

सौ: न्यू मीडिया/सोशल मीडिया

कब क्या हुआ?

भर में करीब 3:00 बजे मौनी अमावस्या पर संगम तट के पास भगदड़ की आई है। अपुष्ट सूत्र ने बताया कि कई हताहत हुए हैं और राहत तथा बचाव कार्य शुरू हो गया। घटना की सूचना पर कई एंबुलेंस की गाड़ियां संगम के पास पहुंच गई। मीडिया प्लेटफॉर्म पर खबर आने लगी कि हताहतों को 50 से अधिक एंबुलेंस की मदद से सेंट्रल हॉस्पिटल लाया गया। कई घायलों को मोटरसाइकिल से भी लोगों ने पहुंचाया। इस बीच महानिर्वाणी अखाड़े के संत अमृत स्नान के लिए संगम पर पहुंचे।

हम यह स्पष्ट करना चाहेंगे कि संगम एक बड़ा क्षेत्र है यह घटना संगम के एक छोटे क्षेत्र में घटित हुई है बाकी अन्य क्षेत्रों में लोग सुविधाओं के साथ आस्था का स्नान कर रहे हैं।

सौ: न्यू मीडिया/सोशल मीडिया

करीब 4:30 बजे मीडिया पर खबर आई कि भगदड़ में 15 लोगों के हताहत हुए हैं और कुछ बेहोश हुए हैं। मौके पर मुस्तैद प्रशासन ने तत्काल राहत-बचाव का काम शुरू किया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। इस बीच मेले में मची भगदड़ के बाद निरंजनी अखाड़े ने स्नान जुलूस रोक दिया। फिलहाल अखाड़े स्नान के लिए नहीं निकले। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने कहा कि भारी भीड़ के चलते स्नान को रोका गया है। अगर स्थिति ठीक हुई तभी अखाड़े स्नान को निकलेंगे। अन्यथा स्नान को निरस्त कर दिया जाएगा।

सौ: न्यू मीडिया/सोशल मीडिया

सुबह करीब 5:00 बजे कुंभ मेला क्षेत्र में भगदड़ की खबरों पर प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओएसडी आकांक्षा राणा ने कहा कि मुझे जो जानकारी मिली है उसके अनुसार संगम नोज पर बैरियर टूटने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस घटना में कुछ लोग घायल हुए हैं। कोई भी गंभीर नहीं है और उन्हें आवश्यक उपचार दिया जा रहा है।

उसके बाद खबर आई की घायलों को मेला क्षेत्र में बने केंद्रीय अस्पताल में ले जाया गया। कई घायलों के रिश्तेदार भी वहां पहुंचे, साथ ही कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी वहां पहुंचे। खबरों के अनुसार कर्नाटक की सरोजिनी ने अस्पताल के बाहर रोते हुए कहा, “हम दो बसों में 60 लोगों के समूह में आए थे, हम समूह में नौ लोग थे। अचानक भीड़ में धक्का-मुक्की होने लगी और हम फंस गए। हममें से बहुत से लोग गिर गए और भीड़ अनियंत्रित हो गई।”

पीएम मोदी ने किया सीएम योगी से बात

सुबह करीब 6:15 पर खबर आई कि मेले में मची भगदड़ से जुड़ी जानकारी के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री योगी से बात की है। हादसे के बाद अखाड़ों ने अमृत स्नान स्थगित कर दिया है और राहत तथा बचाव का काम चल रहा है। प्रशासन के अनुसार स्थिति अब काबू में है। प्रधानमंत्री ने घटनाक्रम की समीक्षा की तथा तत्काल सहायता उपाय करने का आह्वान किया।

इस बीच अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा कि जो घटना हुई उससे हम दुखी हैं। हमारे साथ हजारों श्रद्धालु थे… जनहित में हमने फैसला किया कि अखाड़े आज स्नान में हिस्सा नहीं लेंगे। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे आज के बजाय वसंत पंचमी पर स्नान के लिए आएं। यह घटना इसलिए हुई क्योंकि श्रद्धालु संगम घाट पहुंचना चाहते थे। इसके बजाय उन्हें जहां भी पवित्र गंगा दिखे, वहीं डुबकी लगा लेनी चाहिए। यह प्रशासन की गलती नहीं है, करोड़ों लोगों को संभालना आसान नहीं है। हमें अधिकारियों के साथ सहयोग करना चाहिए।

जगदगुरू स्वामी रामभद्राचार्य ने लोगों से अपील की है कि त्रिवेणी स्नान का मोह न करें, जहां हैं वहीं से स्नान कर लें। उन्होंने अखाड़ों से अपील की आज का अमृत स्नान न करें। जो लोग कैंप में है वो वहीं रहे। वहीं साध्वी निरंजन ज्योति ने महाकुंभ क्षेत्र में हुई भगदड़ की घटना को लेकर कहा कि यह दुखद है। जो भी  हुआ वो ठीक नहीं हुआ। अखाड़ा परिषद ने जनहित को ध्यान में रखते हुए अमृत स्नान को रद्द करने का फैसला लिया है।

भगदड़ में घायलों को केंद्रीय चिकित्सालय पर ले जाया गया।  सुबह करीब 7:30 बजे तक मौत के आंकड़ों पर प्रशासनिक बयान नहीं आया। वहीं परिजनों को खोजते हुए परिजन चिकित्सालय पहुंच रहे हैं।

‘सेना के हवाले होना चाहिए महाकुंभ’
महामंडलेश्वर प्रेमानंद गिरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बड़े दुख का समाचार है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ सेना के हवाले कर देना चाहिए। इस दौरान वो भगदड़ के बारे में बात करते हुए भावुक हो गए।

श्रद्धालुओं से सीएम योगी की अपील
सीएम योगी ने संगम न आने की अपील की है। महाकुंभ में हुई भगदड़ के बाद सीएम योगी ने  श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह संगम नोज जाने के बजाय निकट के घाट पर स्नान कर लें। सीएम योगी ने कहा है कि स्नान के लिए कई घाट बनाए गए हैं। लोग वहां स्नान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रशासन के नियमों का ध्यान रखें और किसी प्रकार की अफवाह में न आएं।

खबर के अनुसार महाकुंभ में भगदड़ में घायल हुए लोगों को मेला क्षेत्र के सेक्टर 2 में बनाए गए अस्पताल में लाया जा रहा है। महाकुंभ में भगदड़ के बाद भीड़ को कंट्रोल करने के लिए हर चौराहे पर पुलिस बल तैनात है। सिर्फ पैदल यात्रियों को अंदर जाने की अनुमति है, बाइक को भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है।

भगदड़ पर सपा मुखिया अखिलेश यादव का बयान

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने ट्वीट है कि “महाकुंभ में अव्यवस्थाओं के कारण हुए हादसे में श्रद्धालुओं के हताहत होने की खबर बेहद दुखद है…हम श्रद्धालुओं से भी अपील करते हैं कि वे इस कठिन समय में संयम और धैर्य बनाए रखें तथा शांतिपूर्वक अपनी तीर्थयात्रा पूरी करें। सरकार को आज की घटना से सबक लेना चाहिए तथा श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, पानी व अन्य सुविधाओं के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करनी चाहिए। हादसे में घायल हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”

मायावती ने हादसे पर दुख जताया
बसपा सुप्रीमो मायावती ने हादसे पर दुख जताया है। प्रयागराज की संगम स्थली पर, महाकुम्भ में हुई भगदड़ में जिन भी श्रद्धालुओं ने अपनी जान गंवाई है और घायल हुए हैं। यह घटना अति-दुःखद व चिन्तनीय है। ऐसे समय में कुदरत पीड़ितों कोे इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे, पार्टी की यही कामना।

खबर के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी लगातार महाकुंभ की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और राज्य सरकार से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने अब तक तीन बार मुख्यमंत्री से बात की है और स्थिति सामान्य करने तथा राहत कार्य के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं।

करीब 9:15 बजे खबर आई कि अमृत स्नान को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और मेला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के बीच वार्ता चल रही है। अमृत स्नान कराए जाने के संकेत हैं। संगम नोज़ और अखाड़ा मार्ग को खाली करने की मशक्कत शुरू हो गई है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद पुरी ने शाही स्नान कराए जाने की उम्मीद जताई है।

बताया जा रहा है कि महाकुंभ में कोई हाथ थामकर तो कोई दुपट्टे को रस्सी बनाकर उसे पकड़कर आगे बढ़ रहा है, ताकि अपनों से न बिछड़ें। भीड़ कंट्रोल करने के लिए चुंगी चौराहे पर डायवर्जन किया गया है, भीड़ को पुल के ऊपर से दूसरी तरफ भेजा जा रहा है। नीचे से नहीं जाने दिया जा रहा है।

खबर के अनुसार संगम मार्ग पर सीआरपीएफ के साथ यूपी पुलिसकर्मी तैनात हैं। घुड़सवारों को भी तैनात किया गया है। मेला प्रशासन की तरफ से कोई हेल्पलाइन नंबर जारी नहीं किया गया है। मोर्चरी के पास कई लोग अपने परिजनों को खोजने पहुंचे हैं। कई लोग लापता हैं।

संयम बरतने की अपील
मौके से सामने आए वीडियो के अनुसार कुछ महिलाओं और बच्चों को भी चोट लगी है। अभी हालात काबू में बताये जाते हैं। महाकुंभ नगर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और संयम बरतने की अपील की है।  बताया जाता है कि प्रयागराज के संगम तट पर अमृत स्नान से पहले देर रात करीब 2 बजे भगदड़ मच गई। इसमें कुछ लोगों के मरने की बात कही जा रही है। एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक भगदड़ मचते ही लोग दौड़ने लगे। अभी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि श्रद्धालुगण मां गंगा के जिस भी घाट के समीप हैं, वहीं स्नान करें, संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें। स्नानार्थियों के लिए कई घाट बनाए गये हैं, जहां सुविधाजनक रूप से स्नान किया जा सकता है। उन्होंने सभी से मेला प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। सीएम योगी ने सभी से अपील की है कि वह किसी भाी प्रकार के अफवाहों पर ध्यान न दें।

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