भारत में 25 दिसंबर केवल एक धार्मिक पर्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिन सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस तिथि को देशभर में क्रिसमस डे (Christmas Day), सुशासन दिवस (Good Governance Day) और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की जयंती के रूप में मनाया जाता है। यही कारण है कि 25 दिसंबर भारत के कैलेंडर में एक विशेष स्थान रखता है।
क्रिसमस डे का उल्लास और उत्सव:
25 दिसंबर को ईसाई समुदाय यीशु मसीह (Jesus Christ) के जन्मदिन के रूप में क्रिसमस मनाता है। इस अवसर पर देशभर के चर्चों में विशेष प्रार्थनाएँ आयोजित की जाती हैं। गोवा (Goa), केरल (Kerala), मुंबई (Mumbai), कोलकाता (Kolkata) और दिल्ली (Delhi) जैसे शहरों में क्रिसमस का उत्साह देखते ही बनता है। चर्चों को रोशनी और सजावट से सजाया जाता है, क्रिसमस ट्री लगाए जाते हैं और लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते हैं। केक काटने, कैरोल सिंगिंग और सामूहिक प्रार्थनाओं के साथ यह पर्व भाईचारे और शांति का संदेश देता है। भारत सरकार द्वारा 25 दिसंबर को सरकारी अवकाश (Gazetted Holiday) घोषित किया गया है, जिससे लोग पूरे उत्साह के साथ इस त्योहार में शामिल हो सकें।
सुशासन दिवस: पारदर्शी शासन का संकल्प:
25 दिसंबर को भारत में सुशासन दिवस (Good Governance Day) भी मनाया जाता है। यह दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की जयंती से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2014 में केंद्र सरकार ने इस दिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को प्राथमिकता देना है। इस अवसर पर विभिन्न सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और प्रशासनिक इकाइयों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कई जगहों पर अधिकारियों और कर्मचारियों को सुशासन की शपथ भी दिलाई जाती है।
अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती:
25 दिसंबर 1924 को जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी भारत के सबसे लोकप्रिय और सम्मानित प्रधानमंत्रियों में गिने जाते हैं। वे एक कुशल राजनेता होने के साथ-साथ एक संवेदनशील कवि और प्रखर वक्ता भी थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में देश को राजनीतिक स्थिरता देने के साथ-साथ विकास की नई दिशा दिखाई। उनके योगदान के लिए उन्हें भारत रत्न (Bharat Ratna) से सम्मानित किया गया। उनकी जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि सभाएँ, संगोष्ठियाँ और स्मरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
तुलसी पूजन दिवस का सांस्कृतिक पक्ष:
25 दिसंबर को कुछ सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों द्वारा तुलसी पूजन दिवस (Tulsi Pujan Diwas) भी मनाया जाता है। इस दिन भारतीय परंपरा में तुलसी के धार्मिक, औषधीय और पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डाला जाता है। इसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति के मूल्यों को संरक्षित करना और प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कई रंगों में सजा 25 दिसंबर:
कुल मिलाकर 25 दिसंबर भारत में विविधता और एकता का प्रतीक बनकर सामने आता है। एक ओर जहां क्रिसमस डे खुशी, प्रेम और शांति का संदेश देता है, वहीं दूसरी ओर सुशासन दिवस अच्छे प्रशासन और जिम्मेदार शासन की याद दिलाता है। साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती देश को उनके विचारों और योगदान को स्मरण करने का अवसर प्रदान करती है। यही कारण है कि 25 दिसंबर न केवल एक तारीख, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक चेतना का प्रतीक बन चुका है।
……….
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#Christmas #Atalbiharivajpai #Tulsipujam

