छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में तैनात आर्म्ड फोर्स के जवान सोनवीर सिंह की मौत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव अलीगढ़ (Aligarh) के पिसावा थाना क्षेत्र के मीरपुर दहोड़ा पहुंची, पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। साथी जवान द्वारा गोली मारकर की गई हत्या की सूचना से परिजन स्तब्ध रह गए। बताया गया कि आपसी कहासुनी के बाद हुए विवाद में यह घटना हुई, जिसने एक परिवार का सहारा छीन लिया।
छत्तीसगढ़ में तैनाती के दौरान हुई घटना में साथी जवान अरविंद द्वारा सोनवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जानकारी के अनुसार, दोनों जवानों के बीच पहले कहासुनी हुई, जिसके बाद थप्पड़ मारने की बात सामने आई। इसके बाद सोते समय जवान सोनवीर पर गोली चला दी गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ परिजनों बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया।
गांव मीरपुर दहोड़ा में छाया मातम:
जैसे ही जवान सोनवीर सिंह का पार्थिव शरीर उनके गांव मीरपुर दहोड़ा लाया गया, माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। ग्रामीणों और युवाओं ने तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ गांव में प्रवेश कराया। गांव की सड़कों पर मातमी सन्नाटा और नम आंखें हर किसी की पीड़ा को बयां कर रही थीं। हर घर से लोग अंतिम दर्शन के लिए बाहर निकले और शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।
तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब:
जवान सोनवीर सिंह के पार्थिव शरीर को गांव तक लाने के लिए ग्रामीणों ने तिरंगा यात्रा निकाली। हजारों की संख्या में युवक बाइकों पर सवार होकर तिरंगा लहराते हुए यात्रा में शामिल हुए। देशभक्ति गीतों की गूंज के बीच जब शव गांव पहुंचा तो माहौल भावुक हो गया। इस दौरान लोगों ने भारत माता के जयकारे लगाए और जवान के बलिदान को याद किया।
शहीद का दर्जा न मिलने पर नाराजगी:
ग्रामीणों और परिजनों में इस बात को लेकर खासा आक्रोश देखा गया कि जवान सोनवीर सिंह को शहीद का दर्जा नहीं दिया गया। लोगों का कहना था कि देश की सेवा में तैनात जवान की इस तरह मौत होना बेहद दुखद है और सरकार को उनके परिवार के प्रति संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए। परिजनों ने न्याय और सम्मान की मांग करते हुए अपनी पीड़ा सार्वजनिक रूप से जाहिर की।
परिजनों का टूटा सहारा:
जवान सोनवीर सिंह अपने परिवार के लिए एक मजबूत स्तंभ थे। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि सोनवीर एक सरल स्वभाव और जिम्मेदार युवक थे, जिन्होंने देश सेवा को अपना कर्तव्य माना। उनकी मौत से गांव ने एक होनहार बेटा खो दिया है।
ग्रामीणों ने की न्याय की मांग:
घटना के बाद गांव में लगातार चर्चा का विषय यही रहा कि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी जवान को कड़ी सजा दी जाए। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं फौज के अनुशासन और विश्वास पर सवाल खड़े करती हैं, इसलिए न्यायिक कार्रवाई बेहद जरूरी है।
देशभक्ति और सम्मान के साथ अंतिम विदाई:
अंतिम संस्कार के दौरान पूरे गांव ने जवान सोनवीर सिंह को नम आंखों से विदाई दी। तिरंगे के साये में अंतिम यात्रा निकाली गई और देशभक्ति गीतों के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान हर किसी की जुबान पर एक ही बात थी कि देश ने एक सपूत खो दिया।
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