रिपोर्टर: जेड ए खान
अलीगढ़ में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के पूर्व विधायक जफर आलम के कार्यालय पर SIR सर्वे को लेकर प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व विधायक जफर आलम ने कहा कि SIR सर्वे को लेकर लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है। कुछ BLO (Booth Level Officer) जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सर्वे किसी विशेष समुदाय या व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि सामान्य प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। इसलिए लोगों को किसी भी तरह की अफवाह या बहकावे में नहीं आना चाहिए।
पूर्व विधायक जफर आलम का बयान:
पूर्व विधायक जफर आलम ने कहा कि BLO द्वारा गलत जानकारी देकर लोगों में डर पैदा किया जा रहा है, जबकि SIR सर्वे मात्र एक औपचारिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि सर्वे में किसी की नागरिकता या पहचान को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। SIR फॉर्म में केवल 12 आईडी प्रूफ में से किसी एक आईडी को लगाकर जानकारी भरनी होती है।
सपा महानगर अध्यक्ष का आग्रह:
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के महानगर अध्यक्ष हामिद घोसी ने प्रेसवार्ता में कहा कि लोग किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह में न पड़ें। उन्होंने स्पष्ट किया कि SIR सर्वे पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य नागरिकों की जानकारी को अपडेट करना है। उन्होंने कहा कि जनता को चाहिए कि वह किसी के बहकावे में न आए और शांति बनाए रखे।
सभी धर्मों का रखा जा रहा है ध्यान:
प्रेसवार्ता में बताया गया कि SIR सर्वे में सभी धर्म और समुदायों के लोगों को समान रूप से शामिल किया जा रहा है। BLO द्वारा वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट के आधार पर सर्वे की प्रक्रिया चलाई जा रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति छूट न जाए। इस दौरान जफर आलम ने कहा कि यह सर्वे किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान रूप से लागू है।
प्रक्रिया से डरने की जरूरत नहीं:
सपा नेताओं ने लोगों से अपील की कि वे SIR सर्वे से डरने या घबराने की बजाय इसमें सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यह सर्वे पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य नागरिक डेटा को व्यवस्थित करना है। पार्टी नेताओं ने कहा कि सपा हमेशा जनता के अधिकारों और पारदर्शिता की पक्षधर रही है और आगे भी रहेगी।
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