पहले अग्निवीर और अब रेलवे. राजनितिक डाल अपनी सत्ता को कायम रखने के लिए हर वो हथकंडा अपना रहे हैं जिसकी कल्पना नागरिक नहीं कर सकता. नागरिक तो जनप्रतिनिधि पर विश्वास कर उसे कुर्सी पर बैठता कि अब हमारी समस्याओं का समाधान निकल जायेगा. लेकिन जनप्रतिनिधि अपनी सत्ता को बचाने के लिए हर वो कार्य करता है जिसकी इजाज़त कोई सा भी धर्म नहीं देते, ये तो प्रभु श्री राम के विरोध के बराबर है क्योंकि श्री राम की मर्यादा और उनके आदर्श लोभ, छल कपट के विरोध में हैं. सत्ता चुनाओं की रणनीति बनने में परेशान है लेकिन शायद उनकी रणनीति में रोजगार प्राथमिकता पर नहीं है, उन्हें पूरा भरोसा हो चला है कि भले ही वो प्रभु श्री राम के आदर्शों पर न चलें लेकिन सत्ता तो उन्ही के नाम पर हासिल कर लेंगें. इधर युवाओं ने भी मोर्चा खोल दिया है. सरकारी नौकरियों में लम्बे समय बाद रिक्त स्थान निकलना और कम संख्या में निकलना यहाँ कई विभागों में तो बिलकुल न निकलना युवाओं के विरोध का कारण बनता जा रहा है और इस विरोध की शुरुआत एक बार फिर बिहार से हुई है.
पटना में धारा 144 यानी निषेधाज्ञा लागू कर दिया गया है. यह आदेश एसडीओ (SDO) पटना सदर की ओर से आज, बुधवार 31 जनवरी को जारी किया है. रेलवे में भर्तियों को लेकर चल रहे छात्रों के उग्र आंदोलन की वजह से पटना में धारा 144 लागू करने का फैसला लिया गया है. आइए यहां जानते हैं कि आखिर क्या है पूरा मामला और रेलवे भर्ती को लेकर छात्रों द्वारा उग्र आंदोलन क्यों चलाया जा रहा है…

कब तक लागू रहेगी धारा 144?
जारी आदेश के अनुसार पटना सदर क्षेत्रान्तर्गत 31 जनवरी से 5 फरवरी तक धारा 144 निषेधाज्ञा प्रभावी रहेगी. दरअसल, रेलवे में निकली वैकेंसी को लेकर स्टूडेंट्स का कहना है रेलवे में कम रिक्तियां निकलने से सरकारी नौकरी के रेलवे की परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे कम युवाओं को उम्मीदवारों को नौकरी का अवसर मिलेगा, ज्यादातर फिर बेरोजगार ही रह जाएंगे और लंबे समय तक वैकेंसी के लिए इंतजार करना पड़ेगा.
मंगलवार को युवाओं ने घंटों किया प्रदर्शन
इस बात को लेकर राज्य की राजधानी पटना के कई इलाकों में बीते दो दिनों से छात्रों द्वारा बवाल किया जा रहा था. मिली जानकारी के मुताबिक 30 जनवरी, मंगलवार को पटना में उस समय मामला ज्यादा बिगड़ गया, जब युवाओं ने घंटों प्रदर्शन किया. उम्मीदवार, रेलवे की ओर से एएलपी और टेक्नीशियन के लिए निकाली गई भर्ती की सीट बढ़ाने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे थे.
छात्र रिक्तियां बढ़ाने की कर रहे मांग
मिली जानकारी के अनुसार छात्रों ने मंगलवार को शहर में भिखना पहाड़ी से लेकर करगिल चौक तक रैली निकालकर रेलवे के इस फैसले का जबरदस्त विरोध जाहिर किया. दरअसल, आंदोलन में शामिल छात्रों का आरोप है कि इतने लंबे इंतजार के बाद रेलवे में वैकेंसी निकली है और रिक्त सीटों की संख्या बहुत ही ज्यादा कम है.
प्रदर्शनकारियों पर चलाईं लाठियां
ऐसे में आक्रोशित अभ्यर्थियों ने रेलवे भर्ती बोर्ड से इस वैकेंसी के तहत सीटों की संख्या में इजाफा करने की मांग रखी, जिसके कारण पटना में प्रदर्शन किया गया. हालात को संभालने और ज्यादा स्थिति को ज्यादा बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठियां भी बरसाईं. जानकारी के मुताबिक करगिल चौक पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिसमें कई छात्रों के घायल होने का बात सामने आई.