लखनऊ: ठंड को देखते हुए शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, जानें

रिपोर्टर: अनुज कुमार

कड़ाके की ठंड को देखते हुए परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है। लखनऊ (Lucknow) से जारी निर्देशों के तहत यूनिफॉर्म, स्वेटर और जूता-मोजा के लिए 1200 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ठंड के मौसम में कोई भी बच्चा बिना पर्याप्त गर्म कपड़ों के स्कूल न आए और उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर न पड़े।

शिक्षा विभाग ने जारी किए स्पष्ट निर्देश:
शिक्षा विभाग (Education Department) ने मौजूदा शीतलहर और गिरते तापमान को देखते हुए सभी जिलों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में साफ कहा गया है कि बच्चों को स्वेटर और जूता-मोजा पहनाकर ही विद्यालय भेजा जाए। विभाग का मानना है कि ठंड के कारण बच्चों में सर्दी, खांसी और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिसे समय रहते रोका जाना जरूरी है।

अपर मुख्य सचिव ने दिए कड़े आदेश:
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा (Parth Sarthi Sen Sharma) ने इस संबंध में कड़े आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि निर्देशों का पालन सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर इसका प्रभाव दिखाई देना चाहिए। सभी संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही न हो।

निगरानी की जिम्मेदारी अधिकारियों को:
मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक और बीएसए को इस पूरे अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि बच्चे पूरी यूनिफॉर्म में, स्वेटर और जूता-मोजा पहनकर ही स्कूल पहुंचें। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर आवश्यक कार्रवाई के संकेत भी दिए गए हैं।

प्रधानाचार्यों के साथ बैठक का निर्देश:
निर्देशों के तहत सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर अभिभावकों को जागरूक करने के आदेश दिए गए हैं। इन बैठकों में ठंड के मौसम में बच्चों की देखभाल, गर्म कपड़ों की अनिवार्यता और स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि जब तक अभिभावक पूरी तरह जागरूक नहीं होंगे, तब तक इन निर्देशों का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा।

अभिभावकों से की गई अपील:
अभिभावकों से स्पष्ट अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को पूरी यूनिफॉर्म में ही विद्यालय भेजें। स्वेटर और जूता-मोजा पहनाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। विभाग का कहना है कि डीबीटी के माध्यम से दी जा रही 1200 रुपये की राशि का उपयोग इसी उद्देश्य के लिए किया जाए, ताकि बच्चों को ठंड से बचाया जा सके।

बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता:
ठंड के मौसम में छोटे बच्चों का स्वास्थ्य जल्दी प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। शिक्षा विभाग का प्रयास है कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षित माहौल मिले और वे बिना किसी स्वास्थ्य जोखिम के पढ़ाई कर सकें। यह पहल बच्चों की सेहत के साथ-साथ उनकी नियमित उपस्थिति को भी बनाए रखने में सहायक मानी जा रही है।

निर्देशों के सख्त अनुपालन के आदेश:
सभी जिलों को यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जारी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को नियमित रिपोर्टिंग और फील्ड स्तर पर निरीक्षण के निर्देश भी दिए गए हैं।

शीतकालीन अवकाश का भी ध्यान:
गौरतलब है कि प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग पहले से तैयारी कर रहा है, ताकि अवकाश के बाद विद्यालय खुलने पर बच्चों को ठंड से सुरक्षित रखा जा सके और पढ़ाई का माहौल प्रभावित न हो।

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com

#school #education #dbt #winter #uniform #uttarpradesh

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading