रिपोर्टर: अमित कुमार
बलिया में चेयरमैन संत कुमार गुप्ता के समर्थन में क्रिमिनल एंड रेवेन्यू बार एसोसिएशन (Criminal and Revenue Bar Association) के अध्यक्ष देवेंद्र नाथ मिश्र समेत कई अधिवक्ता खुलकर सामने आए। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में चेयरमैन से जबरन हस्ताक्षर कराकर उन्हें फंसाने की साजिश रची जा रही है। अधिवक्ताओं ने इसे लोकतंत्र और संविधान पर सीधा प्रहार बताया।
अधिवक्ताओं ने चेयरमैन के समर्थन में खड़ा मोर्चा:
क्रिमिनल एंड रेवेन्यू बार एसोसिएशन (Criminal and Revenue Bar Association) के अध्यक्ष देवेंद्र नाथ मिश्र ने कहा कि चेयरमैन संत कुमार गुप्ता के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार छीन लिए गए हैं। उनका आरोप है कि जिला प्रशासन ने राजनीतिक प्रभाव में आकर यह कार्रवाई की है, जो पूरी तरह अनुचित है। अधिवक्ताओं ने दावा किया कि इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
राजनैतिक दबाव में साजिश का आरोप:
देवेंद्र नाथ मिश्र ने कहा कि चेयरमैन से हस्ताक्षर कराकर उन्हें मामले में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्यवाही लोकतंत्र की हत्या और संविधान के सिद्धांतों के विरुद्ध है। अधिवक्ताओं का कहना है कि चेयरमैन संत कुमार गुप्ता को गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जो कानून और न्याय के नियमों के अनुरूप नहीं है।
न्याय दिलाने का दिया भरोसा:
अध्यक्ष सहित सभी अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वे चेयरमैन के न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा मनमाना रवैया स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि वे संगठित होकर संत कुमार गुप्ता के साथ खड़े हैं और उन्हें न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा।
जिला प्रशासन के रवैये पर कड़ा विरोध:
अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन पर राजनीति से प्रभावित निर्णय लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल एक जनप्रतिनिधि के अधिकारों का हनन है, बल्कि यह प्रशासनिक मनमानी का उदाहरण भी है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि वे ऐसे किसी भी उत्पीड़न का विरोध करते रहेंगे।
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