उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ‘वृहद रोजगार मेला-2026’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल (Kapil Dev Agarwal) ने किया। इस मेले में बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की संभावना जताई गई है, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए द्वार खुलने की उम्मीद बढ़ी है।

रोजगार मेले में हजारों अवसर:
इस रोजगार मेले में 15,000 से अधिक रिक्त पदों के लिए चयन प्रक्रिया आयोजित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जिनमें से लगभग 2,500 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना व्यक्त की गई है। इस दौरान डिजिटल पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिसमें क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई थी, जिससे प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया।
कौशल विकास के लिए डिजिटल पहल:
कार्यक्रम के दौरान कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘कौशल दृष्टि’, ‘कौशल दर्पण’ और ‘कौशल दोस्त’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए गए। ‘कौशल दृष्टि’ एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसके माध्यम से प्रशिक्षण केंद्रों की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी। वहीं ‘कौशल दर्पण’ एक एआई आधारित डैशबोर्ड है, जो कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न जानकारियों को एकीकृत रूप में प्रस्तुत करेगा। ‘कौशल दोस्त’ एक चैटबॉट के रूप में कार्य करेगा, जो उपयोगकर्ताओं को तुरंत सहायता प्रदान करने में सक्षम होगा।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा:
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कपिल देव अग्रवाल (Kapil Dev Agarwal) ने युवाओं को कौशल विकास, आत्मविश्वास और प्रभावी संचार क्षमता को मजबूत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने करियर को लेकर धैर्य रखना चाहिए और बिना बेहतर अवसर के नौकरी छोड़ने से बचना चाहिए। उनका कहना था कि सफलता के लिए निरंतर प्रयास और सही दिशा में मेहनत बेहद जरूरी है।
रोजगार से उद्यमिता की ओर बढ़ावा:
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार सृजक बनाना है। उन्होंने कहा कि युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वे खुद के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें। इस दिशा में विभिन्न योजनाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
अत्याधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षण:
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार द्वारा युवाओं को आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके तहत रोबोटिक्स, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 3डी प्रिंटिंग, सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करने में मददगार साबित हो रही है।
आईटीआई संस्थानों का विस्तार:
प्रदेश में कौशल विकास को मजबूत करने के लिए आईटीआई संस्थानों का विस्तार भी किया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 350 आईटीआई संचालित हैं, जिनमें से 22 नई आईटीआई शुरू हो चुकी हैं। इसके अलावा अगले सत्र में 30 और आईटीआई खोलने की योजना बनाई गई है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण का लाभ मिल सके।
विशेष वर्गों को प्राथमिकता:
रोजगार मेले में दिव्यांगजनों, महिलाओं और ‘जीरो पॉवर्टी’ श्रेणी के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी गई। इस पहल का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।
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