रिपोर्टर: अमित कुमार
उत्तर प्रदेश के बलिया से जुड़ी इस खबर में भाजपा के सांसद जगदंबिका पाल ने पश्चिम बंगाल में अवैध वोटरों और रोहंगिया, बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से रोहंगिया, बांग्लादेशी या विदेशी होते हुए भी वोटर बन गया है तो ऐसे लोगों को चिन्हित कर डिपोर्ट किया जाएगा। सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और यह मुद्दा चर्चा में आ गया है।
बलिया में कार्यकर्ता कार्यक्रम के दौरान बयान:
बुधवार रात बलिया विधानसभा क्षेत्र में आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं के एक कार्यक्रम के दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयानों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का बयान बौखलाहट का परिचायक है। उनका आरोप था कि ममता बनर्जी को यह स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है कि अवैध रूप से बने रोहंगिया और बांग्लादेशी वोटरों के डिपोर्ट होने से उनकी राजनीतिक स्थिति कमजोर हो सकती है।
एसआईआर को लेकर केंद्र सरकार का पक्ष:
सांसद जगदंबिका पाल ने उत्तर प्रदेश में एसआईआर की तिथि बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि भारत के गृह मंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि एसआईआर का उद्देश्य वोटर लिस्ट को शुद्ध करना है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भारत का हर वैध नागरिक वोटर बने और किसी भी अवैध व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न रहे। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि कोई अवैध रूप से वोटर बना है तो उसे चुन-चुनकर डिपोर्ट किया जाएगा।
ममता बनर्जी के बयान पर तीखा हमला:
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सांसद ने कहा कि ममता बनर्जी को यह आभास हो गया है कि बड़ी संख्या में रोहंगिया और बांग्लादेशी नागरिकों के डिपोर्ट होने के बाद उनकी हार सुनिश्चित हो सकती है। इसी डर और घबराहट में वह बयानबाजी कर रही हैं। उन्होंने 54 लाख नाम काटे जाने के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए तकनीकी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का मुद्दा:
भाजपा सांसद से बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचार को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि भारत के विदेश मंत्री बांग्लादेश गए हैं और इससे बड़ी कूटनीतिक पहल नहीं हो सकती। भारत ने बांग्लादेश के हाई कमिश्नर को बुलाकर भी अपनी बात रखी है। बांग्लादेश की ओर से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है और अब वहां की सरकार को इस दिशा में ठोस कार्रवाई करनी होगी।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की तिथि बढ़ाने पर प्रतिक्रिया:
उत्तर प्रदेश में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की तिथि बढ़ाए जाने पर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर भी सांसद जगदंबिका पाल ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान आपत्तियां मांगी जा रही हैं ताकि किसी भी योग्य मतदाता का नाम गलत तरीके से न कटे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी का नाम गलती से हट गया है तो उसे दोबारा जोड़ने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए।
वोटर लिस्ट में पारदर्शिता पर जोर:
सांसद ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्थानांतरण के कारण किसी अन्य क्षेत्र में चला गया है तो उसका नाम उचित प्रक्रिया के तहत अपडेट किया जाना चाहिए। किसी भी स्थिति में किसी वैध वोटर को उसके अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों का नाम वोटर लिस्ट में गलत तरीके से शामिल हो गया है, उन्हें हटाना भी उतना ही जरूरी है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज:
इस पूरे बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। रोहंगिया और बांग्लादेशी मुद्दे को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। बलिया से आए इस बयान ने एक बार फिर वोटर लिस्ट की शुद्धता और अवैध नागरिकों के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
tags (#): #Ballia #JagadambikaPal #BJP #Rohingya #Bangladeshi #VoterList #SIR