दिल्ली में धमाका: 9 की मौत, किसने रची साज़िश? IED का इस्तेमाल नहीं…

नई दिल्ली। देश की राजधानी में 14 साल बाद फिर से धमाके ने दहशत फैला दी। सोमवार शाम करीब 6 बजकर 52 मिनट पर लाल किला मेट्रो स्टेशन (Red Fort Metro Station) के गेट नंबर-1 के पास खड़ी चलती कार में जोरदार विस्फोट हुआ। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं, जबकि 24 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों की उम्र 21 से 58 वर्ष के बीच बताई जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला कि धमाका कार के पिछले हिस्से में हुआ था और इसकी आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके की चपेट में आई 6 कारें, 2 ई-रिक्शा और 1 ऑटो पूरी तरह जलकर खाक हो गए।

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धमाका इतनी ताकतवर थी कि शरीर के टुकड़े बिखर गए:
धमाके की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई शव बुरी तरह जल गए या उनके टुकड़े दूर-दूर तक बिखर गए। पुलिस के अनुसार, जिस कार में विस्फोट हुआ उसमें तीन लोग सवार थे। कार हरियाणा (Haryana) के गुरुग्राम (Gurugram) में सलमान नामक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड थी। पुलिस ने सलमान को हिरासत में लिया है। सलमान ने यह कार जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पुलवामा (Pulwama) निवासी तारिक को बेची थी, जिसकी तलाश जारी है।

सुरक्षा एजेंसियों की जांच कई एंगल पर:

सुरक्षा एजेंसियों ने इस धमाके की जांच आत्मघाती हमले (Suicide Attack) की संभावना को ध्यान में रखकर भी शुरू की है, हालांकि मौके से RDX के कोई सबूत नहीं मिले हैं। पूरे देश में दिल्ली और मुंबई (Mumbai) समेत सभी बड़े शहरों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राजधानी में इससे पहले बड़ा धमाका 7 सितंबर 2011 को हुआ था, जिसमें 11 लोगों की जान गई थी।

डॉक्टरों ने बताया- शवों पर नहीं मिले सामान्य बम विस्फोट जैसे निशान:

एलएनजेपी अस्पताल (LNJP Hospital) के डॉक्टरों के अनुसार, मृतकों के शरीर पर बम धमाकों में पाए जाने वाले सामान्य काले निशान नहीं हैं। वहीं, घायलों के शरीर पर छर्रे या स्प्लिंटर जैसी चोटें भी नहीं मिलीं, जिससे संकेत मिलता है कि यह पारंपरिक IED ब्लास्ट नहीं था।

फरीदाबाद से जुड़ रहे हैं धमाके के तार:

सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, इस धमाके के कई कनेक्शन हरियाणा के फरीदाबाद (Faridabad) से जुड़ रहे हैं। यहां के धौज गांव में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पुलवामा के निवासी डॉ. मुज्जमिल शकील के घर छापा मारा था। वहां से 360 किलो विस्फोटक और एक असॉल्ट राइफल बरामद की गई। इसके अलावा पास के फतेहपुर तगा गांव से 2,563 किलो संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट मिला।

अमोनियम नाइट्रेट से हुआ हो सकता है धमाका:

फोरेंसिक टीमों और जांच एजेंसियों के अनुसार, जिस तरह का विस्फोट हुआ है, उसकी वजह अमोनियम नाइट्रेट (Ammonium Nitrate) हो सकती है। यह पदार्थ खदानों में ब्लास्ट के लिए प्रयोग किया जाता है और RDX जितना ही शक्तिशाली होता है। फरीदाबाद में मिला 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट लगभग 100 मीटर के दायरे में तबाही मचाने में सक्षम है। ब्लास्ट के वीडियो में कार से नारंगी रंग का धुआं निकलता दिखा, जो अमोनियम नाइट्रेट के विस्फोट में सामान्यत: पाया जाता है।

फरीदाबाद में कटा था ब्लास्ट कार का चालान:

पुलिस के मुताबिक, लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास ब्लास्ट में शामिल कार एक i20 थी, जो गुरुग्राम के सलमान के नाम पर थी। इस कार का 20 सितंबर 2025 को फरीदाबाद के तिकोना पार्क में गलत पार्किंग के लिए 1500 रुपये का चालान कटा था। यह स्थान डॉ. मुज्जमिल शकील के घर से लगभग 25 किलोमीटर दूर है।

संभावना: विस्फोटक को छिपाने या ले जाने के दौरान हुआ हादसा:

सुरक्षा एजेंसियां दो प्रमुख एंगल से जांच कर रही हैं—पहला, कहीं ऐसा तो नहीं कि संदिग्धों ने पुलिस की छापेमारी के डर से विस्फोटक को कार में छिपाकर दूसरी जगह ले जाने की कोशिश की और रास्ते में धमाका हो गया। दूसरा, यह भी हो सकता है कि संदिग्धों ने पकड़े जाने के डर से खुद ही विस्फोटक को खत्म करने की कोशिश की हो। हालांकि, एक एंगल यह भी है कि धमाका जानबूझकर भीड़ वाली जगह पर कराया गया हो।

सुरक्षा एजेंसियों को मिली RC के अनुसार, ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई कार पहले मोहम्मद सलमान के नाम पर रजिस्टर्ड थी। बाद में इसे पुलवामा के समबोरा गांव के तारिक को बेचा गया था। जांच एजेंसियों को एक तस्वीर भी मिली है, जिसमें तारिक कथित रूप से उसी कार के साथ नजर आ रहा है।

जांच एजेंसियों के सामने अहम सवाल:

1. क्या धमाके में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammad) या इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस (Islamic State Khorasan Province) का हाथ है?


2. क्या धमाका i20 में नहीं बल्कि पास की किसी दूसरी गाड़ी में हुआ और उसकी आग से यह कार भी फटी?


3. क्या धमाका IED नहीं बल्कि भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट से हुआ?


4. क्या संदिग्धों ने विस्फोटक को नष्ट करने के लिए ही यह तरीका अपनाया?



धमाके के 10 मिनट के भीतर दिल्ली क्राइम ब्रांच (Crime Branch), स्पेशल सेल (Special Cell) और NIA व NSG की टीमें मौके पर पहुंच गईं। फोरेंसिक सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जिससे असली वजह का पता चल सकेगा।

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवाददाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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