रिपोर्टर: गुड़िया मद्धेशिया
देवरिया जनपद के रमईपूर क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का दृश्य उस समय देखने को मिला, जब गांव के लोगों के सहयोग से तीन प्राचीन धार्मिक प्रतिमाओं की विधिवत स्थापना की गई। इस आयोजन में गांव के हर वर्ग की सहभागिता रही और पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। ढोल-बाजों की गूंज, श्रद्धालुओं की उपस्थिति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ यह कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसने गांव की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत किया।

गांव रमईपूर में यह आयोजन पूरी तरह सामाजिक सहभागिता के माध्यम से किया गया। ग्रामीणों ने आपसी सहमति और सहयोग से पंचमवाह वाली प्रतिमा हनुमान जी, शनिदेव और मिठाऊवा बाबा की प्रतिमाओं की स्थापना का निर्णय लिया। कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धा और अनुशासन के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
गांववासियों के सहयोग से हुआ आयोजन:
रमईपूर गांव में आयोजित इस कार्यक्रम को गांव के सामाजिक और वरिष्ठ व्यक्तियों ने मिलकर संपन्न कराया। आयोजन की तैयारी से लेकर प्रतिमाओं की स्थापना तक हर चरण में ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका देखने को मिली। गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और परंपराओं के अनुरूप हो।
इस अवसर पर वरिष्ठ सभापति पिटुं कुशवाह, सुरेंद्र मौर्या, रवि राजभर, अनुप राजभर, अमित राजभर, बाला गोविंद राजभर, कार्तिक राजभर, रंजित राजभर और आकाश राजभर सहित कई प्रमुख ग्रामीणों ने आयोजन की जिम्मेदारी संभाली। इन सभी ने मिलकर गांव की धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य किया।
ढोल-बाजे के साथ भव्य भ्रमण:
प्रतिमाओं की स्थापना से पूर्व गांव में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-बाजों की गूंज के बीच प्रतिमाओं को गोला बाजार से लेकर मदनपुर थाना मठिया तक भ्रमण कराया गया। इस दौरान रास्ते भर श्रद्धालु जयकारे लगाते नजर आए। शोभायात्रा में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं की समान भागीदारी रही, जिससे यह आयोजन और भी भव्य बन गया।
शोभायात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने अपने घरों के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर और पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। इस धार्मिक भ्रमण ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में सकारात्मक संदेश दिया।
विधिवत पूजा-पाठ के साथ स्थापना:
शोभायात्रा के पश्चात गांव में निर्धारित स्थल पर प्रतिमाओं की विधिवत स्थापना की गई। विजय धरदूब पंडित जी के मार्गदर्शन में पूजा-पाठ संपन्न कराया गया। मंत्रोच्चार और वैदिक विधि से हनुमान जी, शनिदेव और मिठाऊवा बाबा की प्रतिमाओं की स्थापना की गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
पूजा के दौरान ग्रामीणों ने सुख-समृद्धि और गांव की खुशहाली की कामना की। धार्मिक अनुष्ठान के बाद प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। यह आयोजन गांव की एकता और धार्मिक विश्वास का प्रतीक बनकर सामने आया।
सामाजिक एकता का संदेश:
इस आयोजन ने रमईपूर गांव में सामाजिक एकता और सहयोग की मिसाल पेश की। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम गांव को जोड़ने का कार्य करते हैं। इससे नई पीढ़ी को भी अपनी परंपराओं और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है।
गांव के वरिष्ठ लोगों ने बताया कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाते हैं। ग्रामीणों ने भविष्य में भी इसी तरह सामूहिक रूप से धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।
परंपरा और आस्था का संगम:
रमईपूर में हुई इस प्रतिमा स्थापना ने यह स्पष्ट कर दिया कि गांव आज भी अपनी परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से जुड़ा हुआ है। सामाजिक सहभागिता से हुआ यह आयोजन आने वाले समय में क्षेत्र के अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। ग्रामीणों ने शांति, सद्भाव और एकता के साथ इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न किया।
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