ठीक 12 बजे शुरू होगा राम मंदिर का भव्‍य ध्‍वजारोहण, जानिए क्‍यों चुना गया है अभ‍िजीत मुहूर्त?

अयोध्या (Ayodhya) में इस वर्ष 25 नवंबर (November 25) को आयोजित होने वाला विवाह पंचमी (Marriage Panchami) का पर्व विशेष महत्व रखता है। इसी दिन राम मंदिर (Ram Temple) के शिखर पर केसरिया धर्म ध्वजा फहराई जाएगी। देश और विदेश से करोड़ों लोगों की निगाहें एक बार फिर रामनगरी अयोध्या पर टिकी हुई हैं, क्योंकि लंबे समय बाद इस ऐतिहासिक ध्वजारोहण (Flag Hoisting) का आयोजन होने जा रहा है। यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

विवाह पंचमी का धार्मिक महत्व:
हिंदू कैलेंडर के अनुसार विवाह पंचमी वह पावन तिथि है जब भगवान राम और माता सीता के विवाह का दिव्य संयोग माना जाता है। इसी पवित्र अवसर पर अयोध्या में लाखों श्रद्धालु एकत्र होकर उत्सव मनाते हैं। राम मंदिर (Ram Temple) पर ध्वजारोहण इसी परंपरा का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण और अधिक ऊर्जा के साथ प्रकट होता है।

धर्म ध्वजा का पारंपरिक स्वरूप:
मंदिरों में ध्वजा फहराने की परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है। हिंदू धर्मग्रंथों में इसका गहरा उल्लेख मिलता है। ध्वजा न केवल देवता की उपस्थिति का संकेत देती है बल्कि मंदिर के पवित्रता क्षेत्र को भी दर्शाती है। अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर पर फहराई जाने वाली यह केसरिया धर्म ध्वजा एक आध्यात्मिक आभा का प्रतिनिधित्व करेगी जो मंदिर से पूरे क्षेत्र में प्रसारित होगी।

गरुड़ पुराण का संदर्भ:
गरुड़ पुराण में ध्वजा की महिमा का स्पष्ट वर्णन मिलता है। इसमें कहा गया है कि मंदिर में फहराया गया ध्वज उस देवता की शक्ति, महिमा और संरक्षण का प्रतीक होता है। साथ ही यह माना जाता है कि जिस दिशा में ध्वजा लहराती है, वह दिशा और उसके आसपास का क्षेत्र पवित्र माना जाता है। ऐसे में राम मंदिर (Ram Temple) के शिखर पर ध्वजा फहराने की परंपरा आध्यात्मिक अनुशासन और विश्वास को और मजबूत करती है।

राम मंदिर ध्वजारोहण का सांस्कृतिक प्रभाव:
अयोध्या (Ayodhya) में लगने वाला यह ध्वज समारोह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत विशेष माना जाता है। यह कार्यक्रम देशभर में बसे रामभक्तों के लिए प्रेरणादायक है। ध्वजारोहण से संबंधित संदेश और प्रतीकात्मकता लाखों श्रद्धालुओं के हृदय में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करती है।

देश-दुनिया की नजरें अयोध्या पर:
25 नवंबर के आयोजन को लेकर देश-दुनिया में व्यापक उत्साह है। सोशल मीडिया से लेकर मंदिर परिसरों तक श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्सुकता देखी जा रही है। राम मंदिर (Ram Temple) के शिखर पर केसरिया ध्वजा फहराने के ऐतिहासिक क्षण को साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में लोग अयोध्या पहुंचेंगे। यह आयोजन आध्यात्मिक महोत्सव का रूप लेने वाला है।

धार्मिक आस्था का प्रतीक कार्यक्रम:
ध्वजारोहण का यह पावन क्षण राम भक्तों के लिए श्रद्धा, समर्पण और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ है। मंदिर के शिखर पर फहराई जाने वाली धर्म ध्वजा देवता की दिव्यता का संदेश देती है और आस्था को और अधिक सुदृढ़ करती है। राम मंदिर (Ram Temple) में होने वाला यह आयोजन लोगों की भक्ति भावनाओं को नई दिशा देगा।


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डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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