गाजीपुर के आदर्श गांव हाथी खाना स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में सघन पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत एक जागरूकता और सेवा से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाकर उन्हें सुरक्षित करना रहा। इस मौके पर अभियान की औपचारिक शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ की गई और बच्चों को पोलियो की खुराक देकर स्वास्थ्य सुरक्षा का संदेश दिया गया।
सघन पल्स पोलियो अभियान का शुभारम्भ:
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री विजय मिश्र (Vijay Mishra) ने मुख्य चिकित्साधिकारी गाजीपुर डॉ सुनील पांडेय (Dr Sunil Pandey) एवं अन्य चिकित्साधिकारियों के साथ दीप प्रज्वलित कर अभियान की शुरुआत की। इसके बाद उपस्थित नौनिहालों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाई गई। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तरह सक्रिय दिखी और बच्चों के अभिभावकों को भी पोलियो से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।

बच्चों के चेहरों पर दिखी खुशी:
कार्यक्रम के दौरान विजय मिश्र (Vijay Mishra) ने वहां मौजूद बच्चों को फल, बिस्किट और चिप्स जैसे उपहार भेंट किए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों के स्वास्थ्य के साथ-साथ उनमें सकारात्मक भावनाएं भी विकसित होती हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए कार्यों पर जोर:
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजय मिश्र (Vijay Mishra) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेतृत्व में देश और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। पूर्वांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनका सीधा लाभ गाजीपुर की जनता को मिल रहा है।

पूर्वांचल को मिली बड़ी स्वास्थ्य सौगातें:
अपने संबोधन में विजय मिश्र (Vijay Mishra) ने बताया कि वाराणसी (Varanasi) में टाटा कैंसर इंस्टिट्यूट (Tata Cancer Institute) और शंकर नेत्रालय (Shankar Netralaya) की स्थापना से पूर्वांचल के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। इसके साथ ही गाजीपुर (Ghazipur) में मेडिकल कॉलेज की स्थापना ने जिले की एक बड़ी जरूरत को पूरा किया है। पहले छोटी बीमारियों में भी मरीजों को अन्य जनपदों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।
आधुनिक जांच सुविधाओं की उपलब्धता:
उन्होंने कहा कि गाजीपुर (Ghazipur) में अब बड़ी बीमारियों के इलाज के साथ-साथ एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि आर्थिक रूप से भी लोगों को राहत मिल रही है। स्थानीय स्तर पर इलाज संभव होने से जिले के मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग की भूमिका सराहनीय:
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी गाजीपुर डॉ सुनील पांडेय (Dr Sunil Pandey) ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया और अभियान में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग की टीम, आशा कार्यकर्ता और अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। सभी के समन्वित प्रयास से ही पोलियो उन्मूलन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
चिकित्साधिकारियों की रही सक्रिय भागीदारी:
कार्यक्रम में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ रवि रंजन (Dr Ravi Ranjan), डॉ संजय कुमार (Dr Sanjay Kumar), एसीएमओ डॉ मुंशीलाल (Dr Munshilal), डीपीएम डॉ प्रभुनाथ (Dr Prabhunath), डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि डॉ रवि प्रकाश (Dr Ravi Prakash WHO), डॉ प्रदीप विश्वकर्मा (Dr Pradeep Vishwakarma), डॉ प्रवीण उपाध्याय (Dr Praveen Upadhyay) और डॉ ईशानी वर्धन (Dr Ishani Vardhan) प्रभारी हाथी खाना (Hathi Khana) सहित अन्य चिकित्साकर्मी उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों को दवा पिलाने और अभिभावकों को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाई।
पोलियो मुक्त समाज की दिशा में प्रयास:
सघन पल्स पोलियो अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाना और समाज को पूरी तरह पोलियो मुक्त बनाना है। इस तरह के कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करते हैं, बल्कि सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में भी सहायक होते हैं। गाजीपुर (Ghazipur) में आयोजित यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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