लखनऊ (Lucknow)। गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल पेश करते हुए मुस्लिम समाज के लोगों ने प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए दादा मियां दरगाह (Dada Miyan Dargah) पर चादर चढ़ाई। इस मौके पर सभी ने देश में भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया।
दरगाह पर हुई विशेष दुआ:
लखनऊ स्थित प्रसिद्ध दादा मियां दरगाह पर मुस्लिम समाज के लोगों ने एकजुट होकर प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य लाभ के लिए दुआ मांगी। इस दौरान दरगाह परिसर में शांति और श्रद्धा का माहौल रहा। उपस्थित लोगों ने कहा कि प्रेमानंद महाराज जैसे संत इंसानियत और आपसी भाईचारे के प्रतीक हैं, जिनकी समाज को आज सबसे अधिक आवश्यकता है।
मुस्लिम समाज ने दिया संदेश:
कार्यक्रम में शामिल मुस्लिम समाज के सदस्यों ने कहा कि प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) ने हमेशा समाज में एकता और प्रेम का संदेश दिया है। उन्होंने किसी धर्म या संप्रदाय में भेदभाव नहीं किया बल्कि सभी को एक मानने की बात कही। उपस्थित लोगों ने कहा कि उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना पूरी समाज की दुआ है।
भाईचारे का उदाहरण बना आयोजन:
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि यह कार्यक्रम देश की उस परंपरा को आगे बढ़ाता है, जो हर धर्म में एकता और प्रेम को सर्वोपरि मानती है। मुस्लिम समाज के एक सदस्य अखलाख (Akhlaq) ने कहा— “कौन हिन्दू, कौन मुसलमान, तू पढ़ ले मेरी गीता, मैं पढ़ लूं तेरा कुरान” —यह भाव इंसानियत की सच्ची परिभाषा है।
इंसानियत सबसे बड़ा धर्म:
प्रेमानंद महाराज को लेकर उपस्थित लोगों ने कहा कि वह हमेशा इंसानियत और सच्चाई की बात करते हैं। उन्होंने धर्म से ऊपर उठकर सभी को एकजुट रहने का संदेश दिया है। उनके अनुयायियों का कहना है कि महाराज का स्वास्थ्य ठीक होना पूरे समाज के लिए एक आशीर्वाद जैसा होगा।
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