अखिलेश का निशाना और अफजाल अंसारी ने समझा दिया चुनावी गणित!

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देश को आजाद हुए 75 वर्ष पूरे हो चुके हैं इन 75 सालों में हमने राजनीति के कई रंग देखे हैं कुछ रंग हमने अपनी आंखों से देखे हैं कुछ हमारे बड़ों ने हमें बताया और कुछ पुराने अखबार और इतिहास के पन्नों से हमने पढ़ा। इस इतिहास की कुछ झलकियां आपको भी देखनी चाहिए।

कभी-कभी खबरों की भीड़ में कुछ खबरें छूट जाती हैं और जब मौका स्वतंत्रता दिवस का हो तो एक पत्रकार होने के नाते अपने पत्रकारिता का धर्म निभाते हुए पत्रकार भी देश भक्ति के रंग में डूब जाता है। लेकिन एक पत्रकार का प्रयास हमेशा रहता है कि वह समाज की करीब-करीब हर उस तस्वीर से समाज को रूबरू कराये, जिससे समाज जागरूक बन सके कुछ ज्ञान अर्जित कर सके। ऐसे ही कुछ तस्वीरों से हम आज आपको रूबरू कराएंगे।

पंद्रह अगस्त पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना संबोधन दिया संबोधन में उन्होंने भारत की विभिन्न उपलब्धियों को गिनाया। जिसमें कुछ महत्वपूर्ण बातें भी थी जो शायद विपक्ष को अच्छी नहीं लगी। पीएम मोदी ने महिलाओं के सम्मान के ऊपर महत्वपूर्ण बात कही।

लेकिन वही अखिलेश यादव ने इस बात पर पीएम मोदी के ऊपर निशाना साधा और श्रीकांत त्यागी की याद दिलवा दी।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगे झंडे के नीचे प्रधानमंत्री मोदी भी खड़े थे और विपक्ष भी खड़ा था। तिरंगे का सम्मान दोनों के अंदर था लेकिन कहीं ना कहीं, किसी ना किसी बात को लेकर असहमति थी। शायद यही कारण था कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी राजनीति ने अपना रंग दिखाया। समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान ने तो यहां तक कह दिया की तानाशाही ज्यादा दिन नहीं चलती। उन्होंने कहा कि मैं एक ऐसा मेडिकल कॉलेज बनवाना चाहता था जिसे पूरी दुनिया देखने आती लेकिन शायद वह बन नहीं पाया या उसे बनने नहीं दिया गया।

वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हर गरीब को अमीर बनाने की बात कह दी। और वह अमीर कैसे बनेंगे इसका फार्मूला भी बता दिया।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नेताओं के भाषण तो आपने सुना ही लेकिन कुछ ऐसी तस्वीर भी आई जिसने बहुत कुछ बयां किया। पिछले दिनों आपने प्रयागराज के जावेद पंप का नाम तो सुना ही होगा। जी हां वही जावेद पंप जिसका नाम प्रयागराज में दंगा भड़काने में प्रमुख रूप से आया था। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की कथित बयान के बाद प्रयागराज में दंगा भड़क गया। पुलिस ने बताया कि दंगा भड़काने का मास्टरमाइंड जावेद पंप है। इसके बाद जावेद पंप के घर पर बाबा का बुलडोजर चल गया। जावेद पंप की बेटियों ने कानून का सहारा लेने की बात भी कही। अब जावेद पंप उसी टूटे हुए घर के मलबे पर उसके परिजनों ने तिरंगा झंडा फहरा दिया। खबरों के अनुसार परिजनों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर तिरंगा अभियान के तहत तिरंगा झंडा फहरा रहे हैं यही उनका घर है तो यहीं पर उन्होंने तिरंगा फहरा दिया।

वहीं 14 अगस्त को गाजीपुर के बीएसपी सांसद अफजाल अंसारी का जन्मदिवस था, वो 70 साल के हो गए, इस मौके पर उनके घर उनके शुभचिंतकों की भीड़ लगी हुई थी, इस दौरान उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित भी किया और अपने संबोधन में उन्होंने अपने समर्थकों को 2024 का चुनावी गणित समझाया। वह बोले गाजीपुर से बलिया तक 44 लोकसभा सीटों में बीजेपी महज 4 सीटें जीत पाई। इनकी हालत खराब है… आज जरूरत है उनके सामने सच्‍चाई रखने की। पिछले चुनाव में बीजेपी के पास 325 की संख्‍या थी। यूपी में आज सभी सहयोगियों को जोड़ने के बाद 270 की है।

गाजीपुर में अपने समर्थकों से बात करते हुए बीएसपी के सांसद अफजाल अंसारी बोले, बीजेपी के पास ले देकर दो ही पूर्वज हैं जिनका नाम लेती है: वीर सावरकर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी। लेकिन यह दोनों भी चंद्रशेखर आज़ाद, राजगुरु और सुखदेव की तरह शहीदों की फेहरिस्त में शामिल नही हैं। वीर सावरकर ने अंग्रेजों से 11 बार माफी मांगी थी तब जेल से छूटे थे, उसी तरह श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंगाल में मुस्लिम लीग की सरकार में मंत्री बने।

वहीं संबोधन के दौरान अफजाल अंसारी भावुक भी हुए। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था के ऊपर चिंता भी जताई।

अफजाल अंसारी ने मशहूर शायर राहत इंदौरी का शेर भी बढ़ा, वर्तमान परिस्थितियों में जिसके कई मायने निकलते हैं।

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