न्याय तक पहुंच में अधिकार मित्रों की भूमिका

रिपोर्ट: गुड़िया मद्धेशिया

देवरिया। सोमवार को उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (Uttar Pradesh State Legal Services Authority), लखनऊ (Lucknow) के दिशा निर्देशन में और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (District Legal Services Authority), देवरिया (Deoria) के तत्वाधान में संवर्धन योजना के अंतर्गत पराविधिक स्वयंसेवकों यानी अधिकार मित्रों के लिए कलस्टर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच को मजबूत करना और विधिक सहायता प्रणाली को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाना रहा।

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ:
प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत फीता काटकर की गई। इसके उपरांत मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (District Legal Services Authority), देवरिया (Deoria) द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें विधिक सेवा से जुड़े विभिन्न विभागों और जनपदों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही।

श्रेष्ठ पराविधिक स्वयंसेवकों का सम्मान:
दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात विभिन्न जनपदों एवं देवरिया (Deoria) के पराविधिक स्वयंसेवकों और अधिकार मित्रों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें श्रेष्ठ पराविधिक स्वयंसेवक के रूप में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया, ताकि अन्य स्वयंसेवकों को भी समाज सेवा और न्यायिक जागरूकता के लिए प्रेरणा मिल सके।

हर व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने का संकल्प:
जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के हर व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने में पराविधिक स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अधिकार मित्रों का दायित्व है कि वे आम जनमानस, विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों को उनके अधिकारों के बारे में शिक्षित करें। इससे लोग संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों को समझ सकेंगे और विधि के अनुरूप अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान पर जोर:
जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने कहा कि पराविधिक स्वयंसेवकों से केवल कानून और न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी फैलाने की ही अपेक्षा नहीं है, बल्कि उन्हें इस बात के लिए भी प्रशिक्षित किया जाना चाहिए कि वे मूल स्तर पर ही साधारण विवादों को परामर्श के माध्यम से सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने में सहायता कर सकें। इससे न्यायालयों पर बढ़ते बोझ को भी कम किया जा सकता है।

नालसा योजनाओं की विस्तृत जानकारी:
कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (District Legal Services Authority), देवरिया (Deoria) और अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने नालसा (NALSA) की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नालसा साथी योजना, वरिष्ठ नागरिक योजना तथा मानव तस्करी और व्यावसायिक यौन शोषण के शिकार व्यक्तियों के लिए संचालित योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

अन्य जनपदों की सहभागिता:
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (District Legal Services Authority) कुशीनगर (Kushinagar), मऊ (Mau), बलिया (Ballia) और महाराजगंज (Maharajganj) के सचिवों द्वारा भी नालसा की योजनाओं के संबंध में पराविधिक स्वयंसेवकों और अधिकार मित्रों को अवगत कराया गया। इससे प्रशिक्षण का दायरा और प्रभाव दोनों बढ़े।

सरकारी योजनाओं पर प्रकाश:
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और उपजिलाधिकारी देवरिया सदर श्रृति शर्मा ने शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं की सही जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने में पराविधिक स्वयंसेवक महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

उपस्थिति और समापन:
कार्यक्रम में जिलाधिकारी देवरिया (Deoria), अपर पुलिस अधीक्षक देवरिया (Deoria), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, कुशीनगर (Kushinagar), मऊ (Mau), बलिया (Ballia), महाराजगंज (Maharajganj) के प्रतिनिधि, संरक्षण अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी तथा संबंधित जनपदों के पराविधिक स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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