दिसंबर की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत के कई हिस्से कड़ाके की ठंड, तेज शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में आ गए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir), उत्तराखंड (Uttarakhand) और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में कई स्थानों पर तापमान शून्य से नीचे चला गया है। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। अगले कुछ दिनों में दिल्ली (Delhi), एनसीआर (NCR) समेत उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) में ठंड और बढ़ने के आसार हैं। उत्तर प्रदेश में 5 डिग्री तापमान के साथ कानपुर (Kanpur) सबसे ठंडा रहा, जबकि इटावा (Etawah) 5.6 डिग्री तापमान के साथ दूसरे स्थान पर दर्ज किया गया।
दिल्ली-एनसीआर में ठंड के साथ प्रदूषण का दबाव:
दिल्ली (Delhi) और एनसीआर (NCR) क्षेत्र सर्दी के साथ-साथ खराब हवा की समस्या का भी सामना कर रहा है। शनिवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 335 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। ठंड बढ़ने के साथ हवा में प्रदूषक कण लंबे समय तक टिके रहने लगे हैं, जिससे लोगों को सांस संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं ठिठुरन तो बढ़ा रही हैं, लेकिन साथ ही प्रदूषित हवा के प्रभाव को भी और गंभीर बना रही हैं।
शीतलहर का अलर्ट, मैदानी इलाकों में बदलेगा मौसम:
पर्वतीय इलाकों में हो रही बर्फबारी का सीधा असर दिल्ली (Delhi), हरियाणा (Haryana), पंजाब (Punjab) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western Uttar Pradesh) में महसूस किया जाएगा। इन राज्यों में 7 और 8 दिसंबर को शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। ठंडी हवाओं के चलते तापमान में और गिरावट आ सकती है। सुबह और शाम के समय ठंड और कोहरा बढ़ने की संभावना जताई गई है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
घने कोहरे से यातायात प्रभावित होने की आशंका:
उत्तर भारत के कई हिस्सों में घने कोहरे की स्थिति बन सकती है। दृश्यता कम होने से सड़क यातायात प्रभावित होने का खतरा है। इसके साथ ही रेल और उड़ान सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। सुबह के समय कोहरा अधिक घना रहने की संभावना है, जिससे दैनिक यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ सकती है।
हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी:
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। लाहौल-स्पीति (Lahaul-Spiti) में हिमपात की संभावना जताई गई है। 8 और 9 दिसंबर को चंबा (Chamba), कांगड़ा (Kangra) और कुल्लू (Kullu) के ऊंचे इलाकों में भी बर्फ गिरने का अनुमान है। मंडी (Mandi) और बिलासपुर (Bilaspur) में सुबह के समय घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। कुकुमसेरी (Kukumsari) में न्यूनतम तापमान माइनस 5.6 डिग्री और ताबो (Tabo) में माइनस 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बर्फ व बारिश:
जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शोपियां (Shopian) सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू (Jammu) में हल्के बादल छाए रहे और मौसम ठंडा बना रहा। पश्चिमी विक्षोभ के असर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख (Ladakh) में अगले तीन दिनों तक बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। कई क्षेत्रों में पानी जमने की स्थिति बन चुकी है, जिससे पाले के कारण मुश्किलें बढ़ गई हैं।
उत्तराखंड के पहाड़ों में बढ़ेगी ठंड:
उत्तराखंड (Uttarakhand) में 7 दिसंबर से उत्तरकाशी (Uttarkashi), चमोली (Chamoli), बागेश्वर (Bageshwar) और पिथौरागढ़ (Pithoragarh) के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार बताए गए हैं। पश्चिमी विक्षोभ का असर आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है, जिससे तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
राजस्थान में सर्दी का तेज असर:
राजस्थान (Rajasthan) में भी ठंड ने रफ्तार पकड़ ली है। राज्य के 18 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। सीकर (Sikar) के फतेहपुर (Fatehpur) में सबसे कम 2.3 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। सीकर में 3 डिग्री, नागौर (Nagaur) में 3.3 डिग्री, चूरू (Churu) में 4.5 डिग्री, अलवर (Alwar) में 5 डिग्री और पाली (Pali) में 5.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
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