बलिया में बगावत: BJP ने संजय निषाद को बताया “दलाल”!

रिपोर्ट: अमित कुमार

बलिया में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद (Dr. Sanjay Nishad) के विवादित बयान ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। बांसडीह (Bansdih) में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान दिए गए इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) बलिया के जिला उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह (Shubh Narayan Singh) सुरेन्द्र ने कड़ी आपत्ति जताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दर्ज की है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई: बांसडीह में एक कार्यक्रम के दौरान डॉ. संजय निषाद ने कहा था कि “यह बलिया है, यहां के लोग अंग्रेजों के दलाल बहुत थे। दलाली का सिस्टम चलता रहा और इसी वजह से बलिया बर्बाद हुआ।” इस टिप्पणी के सामने आते ही जिले की राजनीति में हलचल मच गई और बयान के राजनीतिक मायनों को लेकर बहस तेज हो गई।

शुभ नारायण सिंह का पलटवार: BJP उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह ने कहा कि वे संजय निषाद को तब से जानते हैं, जब वे गोरखपुर (Gorakhpur) से बलिया (Ballia) की पदयात्रा पर आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय उनके साथ हजारों मल्लाह समुदाय के लोग थे, जबकि संजय निषाद के साथ मात्र तेरह लोग चल रहे थे। सिंह का कहना था कि “उसी दिन उनकी ‘तेरही’ कर दी थी, तभी उन्हें बलिया की ताकत समझ जानी चाहिए थी।”

गंगा नदी की नीलामी में दलाली का आरोप: उन्होंने केवल बयान पर ही नहीं, बल्कि गंभीर आरोप भी लगाए। शुभ नारायण सिंह ने दावा किया कि संजय निषाद ने गंगा नदी की नीलामी में दलाली की। आरोप के अनुसार नदी के ठेकों को पाँच-पाँच किलोमीटर में बाँटकर एक ही व्यक्ति को दिलवाया गया और इसमें मंत्री का हिस्सा भी शामिल था। सिंह ने कहा कि “बलिया के सभी निषाद बंधु जानते हैं कि गंगा माता की नीलामी उन्हीं की वजह से हुई थी।”

राजनीतिक आधार पर की गई टिप्पणी का दावा: शुभ नारायण सिंह ने आगे कहा कि बलिया के लोग दलाल नहीं हैं और यदि कोई दलाली करता है तो वह खुद संजय निषाद हैं। उन्होंने इस पूरे बयान को जातीय राजनीति का हिस्सा बताया। उनका कहना था कि चुनाव नजदीक आते ही जातीय मुद्दों को हवा दी जाती है और समाज को गुमराह किया जाता है।

चुनावी चुनौती भी पेश की: BJP उपाध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि बलिया में ही नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में डॉ. संजय निषाद के साथ निषाद समुदाय खड़ा नहीं है। उनका कहना था कि “ये चुनाव लड़ेंगे तो एक भी सीट नहीं जीत पाएंगे। निषाद समुदाय हमारे साथ है क्योंकि हमने उनके अधिकारों और सम्मान की लड़ाई लड़ी है।”

राजनीतिक माहौल में उबाल: मंत्री के बयान और BJP नेता की प्रतिक्रिया के बाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद जिले में राजनीतिक संग्राम तेज हो गया है, और आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है।

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