संजीव जीवा मर्डर: मुख्तार के जीवा की जीवनी !

संजीव जीवा मर्डर: लखनऊ के कैसरबाग में पॉस्को कोर्ट के गेट पर वकील की ड्रेस में आये युवक ने कुख्यात अपराधी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा को मारी गोली। एक बच्ची और एक सिपाही घायल हुए हैं। लखनऊ की कोर्ट के बाहर हुई इस वारदात ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है, जिसने वकील के भेष में वारदात को अंजाम दिया। संजीव जीवा को 5 गोली लगी है। पुलिस ने एक शूटर को गिरफ्तार किया है। संजीव माहेश्वरी जीवा को बीते दिनों पुलिस ने एके-47 और 1300 कारतूसों के साथ शामली में पकड़ा था। वो पश्चिमी यूपी में अतीक अहमद सरीखा नाम है। संजीव जीवा पर उन ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या का आरोप था, जिन्होंने कभी मायावती की गेस्ट हाउस कांड में जान बचाई थी।

• वेस्ट यूपी का एक कुख्यात अपराधी था जीवा
• कभी हुआ करता था कंपाउंडर
• अपने ही मालिक का कर लिया था किडनैप
• 90 के दशक में संजीव माहेश्वरी उर्फ़ जीवा ने जरायम में रखा था कदम
• पुलिस व आम जनता के लिए सिर दर्द बन गया था जीवा
• जीवा मुजफ्फरनगर का रहने वाला था

उत्तर प्रदेश का पश्चिमी हिस्सा जितना खेती-किसानी के लिए प्रख्यात है, उतना ही गैंगस्टर और अपराधियों के लिए कुख्यात रहा है। भाटी गैंग, बदन सिंह बद्दो, मुकीम काला गैंग और न जाने कितने अपराधियों के बीच संजीव माहेश्वरी का भी नाम जुर्म की दुनिया में पनपा। 90 के दशक में संजीव माहेश्वरी ने अपना खौफ पैदा शुरू किया, फिर धीरे-धीरे वह पुलिस व आम जनता के लिए सिर दर्द बनता चला गया। आज बात पश्चिमी यूपी के कुख्यात अपराधी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की इसलिए क्योंकि बीते दिनों शामली पुलिस ने उसी के गैंग के एक शख्स को एके-47,करीब 1300 कारतूस व तीन मैगजीन के साथ पकड़ा है। शामली पुलिस ने रास्ते में चेकिंग के दौरान अनिल नाम के शख्स को धर दबोचा था। दरअसल, जीवा मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। शुरुआती दिनों में वह एक दवाखाना संचालक के यहां कंपाउंडर के नौकरी करता था। इसी नौकरी के दौरान जीवा ने अपने मालिक यानी दवाखाना संचालक को ही अगवा कर लिया था।

• 90 के दशक में कोलकाता के एक कारोबारी के बेटे का भी अपहरण किया था
• जीवा हरिद्वार की नाजिम गैंग में भी था
• सतेंद्र बरनाला गंग के साथ भी था जीवा
• 10 फरवरी 1997 को हुई थी भाजपा के कद्दावर नेता ब्रम्ह दत्त द्विवेदी की हत्या
• हत्याकांड में सामने आया था नाम
• थोड़े दिनों बाद मुन्ना बजरंगी गैंग में घुस गया था जीवा
• इसी क्रम में उसका संपर्क मुख्तार अंसारी से हुआ था
• जीवा के पास हथियारों को जुटाने के तिकड़मी नेटवर्क था

इस घटना के बाद उसने 90 के दशक में कोलकाता के एक कारोबारी के बेटे का भी अपहरण किया और फिरौती दो करोड़ की मांगी थी। उस वक्त किसी से दो करोड़ की फिरौती की मांग होना भी अपने आप में बहुत बड़ी होती थी। इसके बाद जीवा हरिद्वार की नाजिम गैंग में घुसा और फिर सतेंद्र बरनाला के साथ जुड़ा लेकिन उसके अंदर अपनी गैंग बनाने की तड़प थी। इसके बाद उसका नाम 10 फरवरी 1997 को हुई भाजपा के कद्दावर नेता ब्रम्ह दत्त द्विवेदी की हत्या में सामने आया। जिसमें बाद में संजीव जीवा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। फिर जीवा थोड़े दिनों बाद मुन्ना बजरंगी गैंग में घुस गया और इसी क्रम में उसका संपर्क मुख्तार अंसारी से हुआ। कहते हैं कि मुख्तार को अत्याधुनिक हथियारों का शौक था तो जीवा के पास हथियारों को जुटाने के तिकड़मी नेटवर्क था। इसी कारण उसे अंसारी का वरदहस्त भी प्राप्त हुआ और फिर संजीव जीवा का नाम कृष्णानंद राय हत्याकांड में भी आया।

• संजीव जीवा का नाम कृष्णानंद राय हत्याकांड में भी आया था सामने
• संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा पर 22 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए
• 17 मामलों में संजीव बरी हो चुका था
• उसकी गैंग में 35 से ज्यादा सदस्य हैं
• संजीव पर जेल से भी गैंग ऑपरेट करने के आरोप लगते रहे हैं

हालांकि, कुछ सालों बाद मुख्तार और जीवा को साल 2005 में हुए कृष्णानंद राय हत्याकांड में कोर्ट ने बरी कर दिया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा पर 22 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए। इनमें से 17 मामलों में संजीव बरी हो चुका है, जबकि उसकी गैंग में 35 से ज्यादा सदस्य हैं। वहीं, संजीव पर जेल से भी गैंग ऑपरेट करने के आरोप लगते रहे हैं।

• जीवा पर साल 2017 में कारोबारी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी हत्याकांड में भी आरोप लगे थे
• जीवा फिलहाल लखनऊ की जेल में बंद था
• साल 2021 में जीवा की पत्नी पायल को था हत्या का डर
• चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को लिखा था पत्र
• पायल 2017 में आरएलडी के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं
• लखनऊ के कोर्ट में हुई जीवा की हत्या
• जीवा को मारी गयी गयी गोली
• जीवा की हत्या विजय यादव नाम के युवक ने की
• ख़बरों के अनुसार विजय यादव जौनपुर का रहने वाला है

हाल ही में उसकी संपत्ति भी प्रशासन द्वारा कुर्क की गई थी।
जीवा पर साल 2017 में कारोबारी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी हत्याकांड में भी आरोप लगे थे, इसमें जांच के बाद अदालत ने जीवा समेत 4 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि जीवा फिलहाल लखनऊ की जेल में बंद है, लेकिन साल 2021 में जीवा की पत्नी पायल ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर कहा था कि उनकी (जीवा) जान को खतरा है। बता दें कि, पायल 2017 में आरएलडी के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं और उन्हें हार मिली थी।

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