UP: 17 महीने बाद घर पहुचते ही अब्बास ने बच्चे को लगाया गले…

17 महीने बाद मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे अब्बास अंसारी ने गाजीपुर में कदम रखा। पहले अब्बास को जिला जेल लाया गया। जहां महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोपहर में मोहम्मदाबाद स्थित घर पर ले जाया गया। जहां अब्बास ने परिवार वालों से मुलाकात की। बच्चों को गोद में बैठाकर दुलारा। इस दौरान परिवार समेत पड़ोसियों से भी अब्बास ने मुलाकात की। 

मुख्तार अंसारी की कब्र पर आज फातिहा पढ़ी जा रही है। इसमें मऊ सदर से विधायक और मुख्तार के बड़े बेटे अब्बास अंसारी को भी शामिल होना है। अब्बास अंसारी को नवंबर 2022 से ही जेल में रखा गया है। फातिहा में शामिल होने की पैरोल मिलने पर मंगलवार की देर शाम 7:40 बजे अब्बास को कड़ी सुरक्षा में पचलाना जेल से गाजीपुर के लिए रवाना किया गया था। 

फातिहा पढ़ने के बाद अब्बास को गाजीपुर जिला कारागार के उसी हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा जाएगा, जिसमें सांसद अफजाल अंसारी को रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब्बास अंसारी को कासगंज जेल से गाजीपुर लाया गया है। मुहम्मदाबाद स्थित कालीबाग कब्रिस्तान में मुख्तार अंसारी की कब्र पर फातिहा पढने के बाद अब्बास को जिला जेल लाया जाएगा।

यहां से 13 अप्रैल को वापस कासगंज जेल के लिए भेजा जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक अब्बास अंसारी को हाई सिक्योरिटी में रखा जाएगा। सीसी कैमरे से निगरानी की जाएगी, जिसे लेकर जेल प्रशासन ने पहले से ही तैयारी कर ली है। अब्बास पर गाजीपुर कोतवाली, मऊ, लखनऊ और चित्रकूट में आठ मुकदमे दर्ज हैं। 

अब्बास अंसारी के पिता मुख्तार अंसारी की मौत हार्टअटैक से हुई थी। हालांकि परिवार के लोग मौत को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। इधर, दो भाइयों में बड़ा अब्बास अंसारी तमाम कोशिश के बाद भी पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाया था। 

रात भर पिता की मौत से रहा अनजान, सुबह फूट-फूट कर रोया
विधायक बेटा अब्बास अंसारी को अपने पिता की मौत कि खबर 28 मार्च की रात तक नहीं मिली थी। अगले दिन सुबह 8.30 बजे जेल प्रशासन ने जब खबर दी तो अब्बास ने कुछ देर तक फूट-फूटकर रोया। जेल प्रशासन ने कारागार में स्वजन के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर उसकी बात कराईं थी।

रोजे में अब्बास, गाजीपुर में ही मनेगी ईद
पिता की मौत के बाद बीते मंगलवार को अब्बास अंसारी की पत्नी निखत और भाई उमर अंसारी कासगंज जेल जाकर अब्बास से मुलाकात की थी। उमर अंसारी ने मुलाकात के बाद बताया था कि अब्बास की जमानत की कोशिश की जा रही है। अब्बास के पिता मुख्तार अंसारी की 28 मार्च को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। पिता की मौत पर अब्बास को जनाजे में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली गई, लेकिन अनुमति नहीं मिली। अब फातिहा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई और सुप्रीम कोर्ट ने 10, 11 और 12 अप्रैल के लिए पेरोल स्वीकृत की। इसी बीच 11 अप्रैल को ईद पड़ रही है। ऐसे में ईद यहीं मनायी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जेल प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने अब्बास को गाजीपुर ले जाने के लिए सुरक्षा के प्रबंध सुनिश्चित किए। अब्बास को बंदियों के वाहन में जेल से रवाना किया गया, वाहन के आगे पीछे पुलिस की गाड़ियां लगाई गईं। इसमें उप निरीक्षक के अलावा हेड कांस्टेबल और आरक्षी मौजूद हैं।

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