गाजीपुर । क्या आपको पता है की एक जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के विकास कार्यों को करने के लिए किन किन प्रक्रियाओं से गुजरता है। सबसे पहले वह अपने क्षेत्र की समस्याओं की सूची बनाता है। चाहे स्वास्थ्य सेवाएं हो, सड़क हो, पुल हो या रोजगार और कृषि के साधन हो। फिर उन समस्याओं के लिए विधानसभा में अपनी आवाज बुलंद करता है ताकि उन समस्याओं के लिए बजट आए और उनका समाधान हो सके। विधायक निधि से कहीं ज्यादा कई योजनाओं के लिए बजट आता है और उस काम को करवाने की जिम्मेदारी अधिकारियों की होती है। विकास कार्यों की समीक्षा के लिए जनपद स्तर पर एक मीटिंग का आयोजन होता है जिसे दिशा की मीटिंग कहते हैं इस मीटिंग में समस्त जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी और सभी विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहते हैं। इस मीटिंग की अध्यक्षता सांसद करता है। यहां पर विकास कार्यों को लेकर कई सवाल पूछे जाते हैं। उनका हिसाब किताब लिया जाता है और जो कार्य नहीं हुए हैं उनको जल्द करवाने का निवेदन भी किया जाता है।
अपने क्षेत्र के विकास कार्यों से जुड़े सवालों को लेकर रविवार को दिशा की मीटिंग में मोहम्मदाबाद के विधायक शोएब उर्फ मन्नू अंसारी भी पहुंचे। कई ऐसे कार्य हैं जो जनहित में होने चाहिए जिसको लेकर मन्नू अंसारी अपनी विधायक निधि का पैसा भी देने को तैयार है लेकिन वह कार्य नहीं हो रहे हैं और मन्नू अंसारी ने इसको लेकर अपनी आवाज भी बुलंद की।
केवल मन्नू अंसारी ही नहीं जमनिया के विधायक ओम प्रकाश सिंह और गाजीपुर सदर के विधायक जय किशुन साहू ने भी जन समस्याओं को लेकर कई सवाल किए।
चूंकि गाज़ीपुर जनपद का कुछ हिस्सा बलिया लोकसभा में आता है तो इस मीटिंग में बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त भी मौजूद थे और गाज़ीपुर के सांसद अफजाल अंसारी अध्यक्षता कर रहे थे।
हालांकि सवाल जनता की समस्याओं को लेकर है, जनता की समस्याओं के निस्तारण को लेकर है, जनपद के विकास को लेकर है। लेकिन सबसे गंभीर सवाल तो यही है कि क्या कमीशनबाजी वाली ठेकेदारी, भ्रष्टाचार और राजनीति के जिंदा रहते जनता का विकास संभव है?
योगी सरकार में लगातार कार्रवाई हो रही है पर सांसद अफजाल अंसारी के चेहरे पर कोई सिकन नही है । जिला स्तरीय बैठकों में बढ़चढ़ हिस्सा लेते है और अपनी बात अधिकारियों के बीच बेबाकी से रखते है भले ही विपक्ष के सांसद है लेकिन शासन की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में कोई कोर कसर नही छोड़ते है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत ताबड़तोड़ सड़कों का उद्घाटन कर रहे हैं। आरोप है कि विपक्ष होने के नाते अधिकारी नही सुनते लेकिन वो अपनी बात मजबूती से रखते हैं।
अफजाल अंसारी दिशा की मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे थे, जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा हो रही थी, कई सारी खामियां सामने आ रही थी और अफजाल अंसारी ने इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए सारे सिस्टम की पोल खोल दी। उन्होंने एक मीडिया प्लेटफार्म से बात करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।
अब तक पैसा नहीं हुआ रिलीज
सांसद अफजाल अंसारी ने कहा की दिसंबर खत्म होने को है और अबतक पैसा रिलीज नही हुआ है कार्ययोजनाएं धरी की धरी रह जायेगी और मार्च में कैसे कार्य पूरा कराएंगे। इधर नगर क्षेत्र में गरीबो का आवास बन रहा है अबतक तीसरी क़िस्त रिलीज नही हुई।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की लूटपाट
उन्होंने कहा कि जिस तरह से योगी की सरकार ने गढ्ढा मुक्त होने का नारा दिया और एक डेट बढ़ाया गया और सरकार ने मान लिया कि प्रदेश और जिले की सड़क गढ्ढा मुक्त हो गयी है। पीडब्लूडी विभाग के अधिकारियों ने अंधा लूटपाट मचाया हुआ है अधिकतर सड़को को लिपपोट कर बराबर कर दिया है। शहर से सटे सुखदेवपुर चौराहा से घाट तक कि सड़क आधा किलो मीटर है इसको नही बना पाई, इस सड़क पर आय दिन दुर्घटनाएं हो रही है। जहाँ एक उपहास उड़ रहा है, वहीँ अधिकारियों का कहना कि बहुत कम पैसा मिला है इस लिए कार्य पूण नही हुआ है। इन्होंने पैसा न मिलने का सिर्फ बहाना बनाया है।
हर दल के प्रतिनिधि चोर हैं?
उन्होंने कहा कि सलाहकार समितियों की बैठक में पहले अधिकारी घबराते थे लेकिन हर दल के प्रतिनिधि चोर है। हर सरकारी कर्मचारी और अधिकारी धरती का हरिश्चंद है इतना पारदर्शी ईमानदार है कि ऐसा शासन धरती पर न कभी रहा और न होगा । उन्होंने कहा कि प्रधानो के शपथ लेते ही आफत आ गयी. मवेशियों की देख रेख के लिए प्रधानों से 10 हजार की वसूली की गई उसके बाद पंचायत भवन , कायाकल्प ,सामुदायिक शौचालय सहित झंडा बेचने तक का सारा काम कराय गया. प्रधान अपने गांव में निधि से कोई काम नही करा पाया। हिटलरसाही तरीके से सरकार करा रही है काम, प्रधानों की इतनी हिम्मत नही है कि अपने ग्राम पंचायत में दो पट्टिया रखवा सके।
गांव में हैंडपंप लगवाने का विरोध?
उन्होंने कहा कि सांसद ने अपने निधि से जिले में 400 हैंडपंप दिया जिस पर जिले के अधिकारियों ने विरोध किया. पूर्व के डीएम मंगला प्रसाद ने कहा कि हर गांव में पानी टंकी लग रही है उससे जनता को पानी मिलेगा। इसका खामियाजा जिले के रेवतीपुर ब्लॉक के तउवा गॉव के लोग भोग रहे है ,चार साल पहले पानी टंकी लगी और आज तक चालू नही हुआ. गॉव की पूरी सड़क को उखाड़ कर तहस नहस कर दिया गया है पानी टंकी की टेस्टिंग में 18 स्थानों पर लीकेज मिला और आज तक बंद पड़ा है। उस गांव में मात्र 36 घर की आबादी है उसी को लेकर अधिकारी ढफली पीठ रहे है कि हर घर मे नल है। अधिकारियों को यह भी बताया है कि गांव की सड़कें खोद कर पाइप डाली गई है और उस सड़क को ठीक भी नही किया गया है.
ग्राम पंचायतों को 5 लाख़
सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि अब ग्राम पंचायतों को 5 लाख रुपये तक दिया जाएगा जो बिना कमीशन की गुणवत्तापूर्ण पूर्वक कार्य कराएंगे। सांसद निधि का पैसा आरआईएएस विभाग को जाता है तो पहले 21 प्रतिशत कमीशन फिर 21 प्रतिशत जीएसटी में चल जाता है उसके बाद ठेकेदार लूट लेता है तो धरातल पर क्या विकास होगा। इस काम को प्रधान ही ईमानदारी से कराएगा.
अधिकारियों से सेट हो जाते हैं जनप्रतिनिधि
जिले स्तर की बैठक में उन्होंने सवाल उठाया कि कुछ जनप्रतिनिधि अधिकारियों से सेट हो जाते है और सांसद के ऊपर गुस्सा हो जाते कि हर बैठक में आवाज उठाते है। बलिया सांसद और अधिकारी, विपक्ष जनप्रतिनिधियों को बोलने ही नही देते है। टेबल टेबल कमीशन ले रहे है पीडी और सीडीओ भी कमीशन लेते और उसमें जनप्रतिनिधि भी कमीशन चाहता है. सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि राजनीति को मैं पूजा समझ कर काम करता हूँ. कोई एक चव्वंनी पैसा का दाग लगा दे तो ,राजनीत छोड़ कर पर्वत पर चला जाऊँगा.
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