Meerut: मेरठ से एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जहां स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अग्निवीर भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी करने वाले गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गैंग अभ्यर्थियों से मेडिकल परीक्षा पास कराने के नाम पर मोटी रकम वसूल रहा था। एसटीएफ की फील्ड इकाई ने कार्रवाई मिलिट्री हॉस्पिटल के पास की, जिससे पूरा मामला उजागर हुआ।

मेडिकल परीक्षा पास कराने के नाम पर ठगी
अभ्यर्थियों को झांसा दिया जा रहा था कि गैंग के लोग उन्हें मेडिकल टेस्ट में आसानी से पास करा देंगे। इसके एवज में मोटी रकम वसूली जा रही थी। यह नेटवर्क भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था और अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुजफ्फरनगर निवासी नरेश पुत्र जिले सिंह, निवासी बिटा वदा थाना बुढ़ाना, और सचिन पुत्र सुरेशपाल, निवासी कांकरा थाना शाहपुर के रूप में हुई है। दोनों पर अभ्यर्थियों से ठगी कर अनुचित लाभ कमाने का आरोप है।
बरामदगी में मिले सबूत
गिरफ्तारी के दौरान एसटीएफ ने आरोपियों के पास से दो कूटरचित आर्मी रबर स्टाम्प, दो आर्मी एडमिट कार्ड, एक मार्कशीट, अभ्यर्थियों के विवरण से जुड़े दो हस्तलिखित पेपर, दो मोबाइल फोन, एक ऑल्टो कार और 4,000 रुपये नकद बरामद किए। इन दस्तावेजों और सामानों से गैंग की संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि हुई है।
नेटवर्क की जांच जारी
एसटीएफ की टीम अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अब तक कितने अभ्यर्थियों से वसूली की गई और गैंग कितने समय से इस धंधे में सक्रिय था।
भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल
यह मामला भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की मेहनत पर सवाल खड़े करता है। एसटीएफ की समय पर की गई कार्रवाई से बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। अब आगे की जांच से यह साफ होगा कि इस गैंग की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसमें कितने लोग शामिल हैं।

