टीवी चैनलों के लिए एडवाइजरी जारी, ऐसे कंटेंट के प्रसारण पर सरकार ने लगाई रोक

हाल के दिनों में प्रसारित कुछ टीवी सामग्री को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) ने सभी निजी उपग्रह टीवी चैनलों को विशेष सलाह जारी की है। यह सलाह उन प्रसारणों के संदर्भ में दी गई है, जिनमें लाल किला विस्फोटों से जुड़े कथित लोगों की गतिविधियों को दिखाया गया और कुछ मामलों में उनके हिंसक कृत्यों को उचित ठहराने वाले दृश्य भी प्रसारित किए गए। मंत्रालय ने इसे अत्यंत संवेदनशील मामला बताते हुए ऐसे प्रसारणों को राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए संभावित रूप से हानिकारक बताया है।

Advisory document from the Ministry of Information and Broadcasting, India, addressing private satellite TV channels regarding sensitive content related to recent incidents, dated November 18, 2025.

संवेदनशील प्रसारणों पर मंत्रालय की चिंता:
मंत्रालय के संज्ञान में यह बात आई कि कई चैनल विस्फोटक सामग्री बनाने के तरीकों से जुड़े वीडियो और दृश्य भी दिखा रहे थे। मंत्रालय का कहना है कि ऐसी जानकारी का प्रसारण अनजाने में हिंसा को बढ़ावा देने या भड़काने की स्थिति पैदा कर सकता है। साथ ही यह सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है और राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसी कारण सभी चैनलों को ऐसी सामग्री के प्रसारण में अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कानूनी प्रावधानों के अनुपालन पर स्पष्ट निर्देश:
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी प्रसारकों को याद दिलाया है कि उन्हें केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम 1995 (Cable Television Network Regulation Act 1995) में उल्लिखित कार्यक्रम और विज्ञापन संहिता का कड़ाई से पालन करना आवश्यक है। मंत्रालय ने विशेष रूप से केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमों के नियम 6(1)(डी), 6(1)(ई) और 6(1)(एच) का उल्लेख किया, जिनमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रसारण में ऐसे दृश्य शामिल न हों जो मानहानिकारक, झूठे, अश्लील या हिंसा को बढ़ावा देने वाले हों। इन नियमों में राष्ट्र-विरोधी प्रवृत्तियों को प्रोत्साहित करने वाली सामग्री को भी प्रतिबंधित किया गया है।

हिंसा और गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले दृश्यों पर रोक:
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी टीवी चैनल को ऐसी सामग्री प्रसारित नहीं करनी चाहिए जो जनसामान्य को गैरकानूनी गतिविधियों के लिए प्रेरित कर सकती है या इन गतिविधियों को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन दे सकती है। विशेष रूप से, उन दृश्यों पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है जो हिंसा, अव्यवस्था या कानून के उल्लंघन को प्रोत्साहित करते हुए दिखते हों।

मंत्रालय की स्वीकृति से जारी परामर्श:
यह परामर्श सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद जारी किया गया है। दस्तावेज़ पर भारत सरकार के उपसचिव अर्पित एस (Arpit S) के हस्ताक्षर हैं, और यह 18 नवंबर 2025 को जारी किया गया।


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यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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